रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को G7 पर निशाना साधा. उन्होंने ग्लोबल इकॉनमी में G7 की घटती हिस्सेदारी की तुलना BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत से की है.
BRICS बिज़नेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी में G7 देशों की हिस्सेदारी तकरीबन 18% हैं जबकि BRICS सदस्यों की हिस्सेदारी लगभग 40% हैं. पुतिन ने इस ग्रुप की अहमियत पर सवाल उठाते हुए कहा, 'मुझे नहीं पता कि वे उन्हें ऐसा क्यों कहते हैं.' बता दें, G7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा है.
पुतिन ने BRICS को दुनिया का सबसे ताकतवर आर्थिक समहू बताया और कहा कि जैसे-जैसे वैश्विक व्यवस्था बदल रही है, वैसे इसके सदस्य देशों की ताकत और उनका प्रभाव भी बढ़ते जा रहा है.
रूसी राष्ट्रपति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते योगदान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दुनिया एक बड़े आर्थिक बदलाव से गुज़र रही है और BRICS समूह से बाहर के देशों के साथ सहयोग करने के लिए भी तैयार है.
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रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों पर BRICS देशों को कमज़ोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है. पुतिन ने कहा, 'BRICS के पश्चिमी प्रतिस्पर्धी अपनी पुरानी बढ़त को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, और यह संघर्ष सरकारी स्तर पर एक अनुचित मोड़ ले रहा है.' इसके साथ ही, पुतिन ने पश्चिमी देशों पर रूस पर अनुचित प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया और कहा कि इन प्रतिबंधों के बावजूद मॉस्को ने अपना आर्थिक प्रदर्शन बनाए रखा है.
'इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे', बोले PM मोदी
PM मोदी ने BRICS बिज़नेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा, 'इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं. 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ 4 देश थे और आज BRICS और उनके पार्टनर को मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है. आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40% GDP और 25% से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं. इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है.'
PM मोदी ने कहा कि BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं. हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं. BRICS का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं. भारत में आयोजित यह फ़ोरम अब तक का सबसे बड़ा BRICS बिज़नेस फ़ोरम है.
BRICS बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, 'आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल, इन सब ने उस आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है जिसमें देश काम करते हैं. सवाल यह है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स का क्या जवाब है? हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ़ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब और साफ़ तौर पर दिखती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और जॉइंट फाइनेंसिंग के नेटवर्क में बदला जाता है, यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना.'
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मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बातचीत
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ लगभग 45 मिनट तक बैठक की.