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न्यूजीलैंड की संसद में ऐतिहासिक फैसला, भारत संग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पारित, 95% प्रोडक्ट्स से हटेगा टैरिफ!

न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को मंजूरी दे दी है. इसके तहत न्यूजीलैंड के 95% निर्यात पर टैरिफ कम या खत्म होगा, जबकि सभी भारतीय सामानों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी.

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न्यूजीलैंड की संसद में भारत संग ट्रेड डील वाला बिल 93 वोटों से पारित हुआ.
न्यूजीलैंड की संसद में भारत संग ट्रेड डील वाला बिल 93 वोटों से पारित हुआ.

भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है. न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानि FTA को लागू करने वाले कानून को भारी बहुमत से पारित कर दिया. इस ऐतिहासिक समझौते के तहत भारत जाने वाले न्यूजीलैंड के लगभग 95% निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को या तो पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा या फिर बेहद कम कर दिया जाएगा.

संसद में इस बिल के पक्ष में 93 और विरोध में केवल 29 वोट पड़े. मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी ने भी देशहित और भारत के साथ व्यापारिक मजबूती को देखते हुए इसका खुलकर समर्थन किया.

समझौते की खास बात यह है कि लागू होते ही आधे से अधिक उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी तुरंत प्रभाव से शून्य हो जाएगी. न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह समझौता इसी वर्ष से प्रभावी हो जाएगा, जिससे निर्यातकों को तत्काल और बड़ा फायदा मिलेगा.

यह भी पढ़ें: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बढ़ रहा है भारत का व्यापार, निर्यात के मुकाबले आयात में हुई तेजी!

भारत को क्या मिलेगा बड़ा फायदा?
इस व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत के लिए अपने बाजार पूरी तरह खोल दिए हैं. भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले सभी सामानों को 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा. इसके साथ ही, न्यूजीलैंड सरकार ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बड़ा निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है.

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बता दें कि दोनों देशों ने इस साल अप्रैल में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3.99 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर ($2.29 बिलियन) तक पहुंच चुका है, जिसमें भारत, न्यूजीलैंड का नौवां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है. दोनों देशों में कानूनी और आधिकारिक प्रक्रियाएं पूरी होते ही यह समझौता पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा.

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