अमेरिका ने 'बर्थ टूरिज्म' के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रथा पर सख्त कदम उठाया है. अमेरिकी प्रशासन ने ऐलान किया है कि जो लोग भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होंगे या इसे बढ़ावा देंगे, उनके वीजा पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
अमेरिकी सरकार का कहना है कि इस अवैध नियम के जरिए इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल करके मुनाफे के लिए अमेरिकी नागरिकता बेची जा रही है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, 'जो लोग इस धोखाधड़ी में शामिल हैं और इससे मुनाफा कमा रहे हैं, उनके वीजा जारी करने पर रोक लगाकर हम एक साफ संदेश दे रहे हैं.'
'अमेरिका किसी भी विदेशी नागरिक को...'
रुबियो ने आगे कहा, 'अमेरिका किसी भी विदेशी नागरिक को हमारी आव्रजन व्यवस्था का शोषण करने और अमेरिकी नागरिकता की पवित्रता से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं देगा.'
मार्को रुबियो ने बताया कि इस नए नियम का सीधा निशाना वे लोग हैं जो जानबूझकर बर्थ टूरिज्म को बढ़ावा दे रहे हैं या इसमें मदद कर रहे हैं. इनमें कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क चलाने वाले मालिक और संचालक, वीजा के नाम पर फर्जीवाड़ा सिखाने वाले 'फिक्सर', अमेरिकी मेडिकेड सिस्टम का गलत फायदा उठाने वाले विदेशी मेडिकल प्रोवाइडर्स और इस अवैध कारोबार में मदद करने वाले अन्य बिचौलिए शामिल हैं.
बता दें कि 'बर्थ टूरिज्म' के तहत विदेशी नागरिक खासतौर से अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के इरादे से सफर करते हैं, ताकि उनके बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके.
पिछले महीने ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे. इन आदेशों के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले कुछ चुनिंदा बच्चों को नागरिकता के दस्तावेज देने से रोकने और 'बर्थ टूरिज्म' के लिए देश में प्रवेश सीमित करने का प्रावधान किया गया है.
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बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें अमेरिका में गैर-नागरिकों से जन्मे बच्चों को मिलने वाली नागरिकता को खत्म करने की बात कही गई थी. इसके बावजूद अमेरिकी सरकार का ये फैसला सामने आया है.