TMC में दोफाड़ होने के बाद चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का आदेश दिया था. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस याचिका पर अदालत गुरुवार को सुनवाई करेगी.
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की स्पेशल बेंच इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई करेगी. कुछ दिनों पहले सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी की तरफ से CJI के सामने गुहार लगाते हुए इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की थी.
सुनवाई के दौरान सिब्बल ने दलील दी थी कि मौजूदा चुनावी प्रक्रिया के ठीक बीच में आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का गलत कदम उठाया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि चुनाव आयोग रोजाना नए-नए उदाहरण पेश कर रहा है.
नए नाम और नए निशानों के साथ मैदान में दोनों गुट
विवाद के बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को 'ममता टीएमसी' नाम और 'फुटबॉल खेलता खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया है. वहीं, बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक टीएमसी' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न दिया गया है. इस समय राज्य की दो अहम विधानसभा सीटों- नंदीग्राम और रेजीनग पर उपचुनाव चल रहे हैं.
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दोनों ही गुट फिलहाल इन्हीं नए नामों और नए चुनाव चिह्नों के सहारे जनता के बीच जाकर जोर-शोर से प्रचार करने में जुटे हैं. सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं कि अदालत चुनाव आयोग के इस आदेश पर क्या रुख अपनाती है.