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नवाज शरीफ PM बनना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान का नहीं, तो जानिए फिर कहां के

पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने पीओके का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई है. उन्होंने मुजफ्फराबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी पीएमएल-एन चुनाव जीतती है तो वह शहबाज शरीफ से कहेंगे कि उन्हें PoK का पीएम बनाना चाहिए.

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पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ. (photo: pakistani Media)
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ. (photo: pakistani Media)

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान की सत्ता के खिलाफ जारी उग्र विरोध प्रदर्शन और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा किए जा रहे दमन के बीच पीएम शहबाज शरीफ ने एक और खेल खेलने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने पीओके का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मंगलवार को मुजफ्फारबाद में अपनी बेटी पंजाब की मुख्यमंत्री मरिया नवाज के साथ एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) क्षेत्रीय चुनाव जीतती है, तो वह पीएम शहबाज शरीफ से कहेंगे कि वो मुझे पीओके का पीएम बनाएं.'

PM नहीं बने तभी करेंगे PoK का दौरा

उन्होंने आगे कहा कि भले ही वह PoK के प्रधानमंत्री न बनें, फिर भी वह हर तीन महीने में मुज़फ़्फ़राबाद और दूसरे शहरों का दौरा करेंगे, ताकि पार्टी के चुनावी घोषणापत्र के लागू होने की समीक्षा कर सकें और विकास कार्यों की निगरानी कर सकें.

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, नवाज ने ये भी आश्वसन दिया कि यदि पीएमएल-एन पीओके में अगली सरकार बनाती है तो वो क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान करेंगे. साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने के लिए झेलम नदी के किनारे एक सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने ये भी वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वो पीओके के बजट को बढ़ा देंगे. हालांकि, पाकिस्तान की वित्त स्थिति लगातार खराब बनी हुई है.

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तीन चरणों में होंगे चुनाव

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अधिकारियों ने मंगलवार को घोषणा की कि PoK में तीन चरणो में तथाकथित विधानसभा के चुनाव होंगे जो 10 अगस्त को समाप्त होंग. पहले ये चुनाव 27 जुलाई को होने वाले थे. लेकिन पूरे क्षेत्र में  गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, क्योंकि हजारों प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सरकार और देश के सशस्त्र बलों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में दर्जनों प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जबकि पुलिस और सशस्त्र बलों की गोलीबारी में कई लोग घायल हुए हैं.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, PoK के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल ने कहा कि मीरपुर डिवीजन के 13 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 27 जुलाई को होगा, मुज़फ़्फ़राबाद डिवीजन के 9 निर्वाचन क्षेत्रों और शरणार्थियों के लिए सभी 12 निर्वाचन क्षेत्रों में 2 अगस्त को चुनाव होगा और पुंछ डिवीज़न के 11 निर्वाचन क्षेत्रों में 10 अगस्त को मतदान होगा.

PoK की तथाकथित विधानसभा में 53 सीटें हैं- 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 8 सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रेट और धर्मगुरुओं के लिए आरक्षित हैं.

मुगल ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम में बदलाव क्षेत्र में चल रही स्थिति को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं, जहां प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) विधानसभा में शरणार्थियों के लिए 12 सीटों का विरोध कर रही है.

मुगल ने कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों और सेना के जवानों को तैनात किया जाएगा.

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भारत ने जताया विरोध

वहीं, पिछले महीने भारत ने तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के चुनावों को लेकर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश (जिसमें तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है) भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं.

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