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ईरान छोड़ मॉस्को गए मोजतबा? सुप्रीम लीडर पर आया रूस का बयान

मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. खामेनेई की मौत के लगभग एक हफ्ते बाद. उसी दिन ईरानी मीडिया ने खबरें दी थीं कि मोजतबा खामेनेई देश को संबोधित करेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ

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मोजतबा खामेनेई को लेकर रूस का बयान. (Photo: AP)
मोजतबा खामेनेई को लेकर रूस का बयान. (Photo: AP)

अमेरिका और ईरान जंग को एक महीना हो चुका है. दोनों ओर से लगातार हमले जारी हैं. तेल संकट बना हुआ है. इस बीच लगातार खबरें आ रही थी कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिकी हमले में घायल हैं और इलाज के लिए मॉस्को गए हैं. अब रूस ने इन अटकलों पर बड़ा बयान दिया है.

रूस के राजदूत का कहना है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ईरान में ही हैं लेकिन वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं. वह जानबूझकर सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आ रहे. 

बता दें कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रील लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद उनके बेटे मोजतबा को नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. मोजतबा को ऐसे समय पर ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया है जब ईरान अपने भयावह दौर से गुजर रहा है. उस पर अस्तित्व का संकट बना हुआ है और वह भारी दबाव झेल रहा है. 

अमेरिका का मानना है कि मोजतबा हमले में घायल हो गए हैं. मोजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. सबसे हैरान करने वाला दावा है कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं. उनका एक पैर भी काट दिया गया है और उनकी हालत बेहद संजीदा है. ये दावा ब्रिटिश अखबार 'द सन' ने अपनी रिपोर्ट में किया था.

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रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई की हालत बहुत खराब है और वह कोमा में है. वह अस्पताल में ईरान के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी की निगरानी में हैं. जफरगंदी ईरान के टॉप सर्जन्स में से एक हैं. 

बता दें कि 28 फरवरी से जब से अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग शुरू हुई है, तब से मोजतबा खामेनेई एक बार भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. 

मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. खामेनेई की मौत के लगभग एक हफ्ते बाद. उसी दिन ईरानी मीडिया ने खबरें दी थीं कि मोजतबा खामेनेई देश को संबोधित करेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सुप्रीम लीडर चुने जाने के पांच दिन के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश दुनिया के सामने आया था. लेकिन उनके संदेश को टीवी पर एक एंकर ने पढ़ा. वह कैमरे पर भी दिखाई नहीं दिए. 

ईरान के सरकारी टीवी रिपोर्ट्स के एंकर्स ने मोजतबा खामेनेई को 'रमजान युद्ध का जांबाज' यानी 'घायल योद्धा' बताया था. हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं की कि मोजतबा 28 फरवरी को घायल हुए थे या नहीं.

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