ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. सबसे हैरान करने वाला दावा है कि मोजतबा खामेनेई कोमा में हैं. उनका एक पैर भी काट दिया गया है और उनकी हालत बेहद संजीदा है. ये दावा ब्रिटिश अखबार 'द सन' ने अपनी रिपोर्ट में किया है.
'द सन' की ये रिपोर्ट उस समय सामने आई, जब कुछ घंटों पहले ही मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में हमले जारी रखे जाएंगे और होर्मुज स्ट्रेट की भी नाकेबंदी रहेगी.
'द सन' ने ये रिपोर्ट अपने सूत्र के हवाले से चलाई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई की हालत बहुत खराब है और वह कोमा में है. वह अस्पताल में ईरान के स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी की निगरानी में हैं. जफरगंदी ईरान के टॉप सर्जन्स में से एक हैं.
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
'द सन' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि मोजतबा खामेनेई तेहरान की सिना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में इंटेसिव केयर में है. इस बिल्डिंग के एक हिस्से को भारी सिक्योरिटी के बीच सील कर दिया गया है.
रिपोर्ट में बताया गया कि मोजतबा का एक पैर कट गया है और उनके पेट और लिवर को भी गंभीर चोटें आई हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी को उसी हमले में घायल हुए थे, जिसमें आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. हालांकि, ईरान के सरकारी टीवी के एंकर मोजतबा खामेनेई को 'रमजान का जांबाज' यानी 'घायल योद्धा' बताते हैं.
'द सन' को सूत्र ने बताया, 'उनका एक या दोनों पैर काट दिए गए हैं. उनका लिवर या पेट भी फट गया है. वह शायद कोमा में भी हैं.' रिपोर्ट में कहा गया है कि दो दिन पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान चुपके से मोजतबा खामेनेई से मिलने गए थे. सिना हॉस्पिटल की इंटेंसिव केयर यूनिट में सिर्फ कुछ ही ऑथराइज्ड लोगों को ही जाने की इजाजत है.
कितना मजबूत है ये दावा?
28 फरवरी से जब से अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग शुरू हुई है, तब से मोजतबा खामेनेई एक बार भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं.
मोजतबा खामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. खामेनेई की मौत के लगभग एक हफ्ते बाद. उसी दिन ईरानी मीडिया ने खबरें दी थीं कि मोजतबा खामेनेई देश को संबोधित करेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
सुप्रीम लीडर चुने जाने के पांच दिन के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश दुनिया के सामने आया. लेकिन उनके संदेश को टीवी पर एक एंकर ने पढ़ा. वह कैमरे पर भी दिखाई नहीं दिए.
ईरान के सरकारी टीवी रिपोर्ट्स के एंकर्स ने मोजतबा खामेनेई को 'रमजान युद्ध का जांबाज' यानी 'घायल योद्धा' बताया. हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं की कि मोजतबा 28 फरवरी को घायल हुए थे या नहीं.
इन्हीं सब बातों के कारण उनकी हेल्थ को लेकर अटकलें, अफवाहें और दावे और भी बढ़ गए हैं. हालांकि, अब तक मोजतबा खामेनेई को सिर्फ दावे ही किए जा रहे हैं, कुछ पुष्टि नहीं हुई है.