अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है और इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है. हमलों की वजह से यूएई में सैकड़ों-हजारों लोग फंस गए हैं. संकट की इस घड़ी में अजमान में भारतीय मूल के व्यापारियों ने मदद के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं.
UAE के अजमान में 'आजतक' की टीम मौजूद है, जहां टीम की मुलाकात ओमान के रहने वाले एक ईरानी साइकिल चालक और यात्री मुस्तफा से हुई. वो मस्कट से होते हुए साइकिल यात्रा पर निकले थे और यूएई पहुंचे थे. मौजूदा हालात की वजह से मुस्तफा अपने घर वापस नहीं जा सके और एक भारतीय व्यापारी के बनाए गए राहत शिविर में पनाह ली.
महाराष्ट्र और गुजरात के पर्यटक भी इस फार्म हाउस में पहुंचे हैं. ये फार्म हाउस अब एक राहत शिविर में बदल गया है. यहां सैकड़ों लोगों को उनकी उड़ान के री-शेड्यूल होने तक आश्रय दिया जा रहा है. इतना ही नहीं, उन्हें रोल्स रॉयस टेस्ला से एयरपोर्ट तक पिक अप और ड्रॉप भी दिया जा रहा है.
'मानवीय संकट में मदद करने का यही सही समय'
भारत के व्यवसायी धीरज जैन का कहना है कि मानवीय संकट में मदद करने का यही सही समय है. शिविर में मौजूद कई यात्रियों का कहना है कि आसमान में लड़ाकू विमानों और जेट विमानों की आवाजें और तेज विस्फोट सुनने के बावजूद उन्हें डर नहीं लगता. जो महिलाएं यहां फंसी हुई थीं, वो बाकी लोगों के लिए खाना बनाने वाली सामुदायिक रसोई का हिस्सा बन गई हैं.
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अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान में 1300 मौतें
बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध को शुरू हुए 11 दिन हो गए हैं. अमेरिका और इजरायल संयुक्त रूप से ईरान पर हमलावर हैं. इन हमलों में अब तक करीब 1300 लोगों की मौत हो चुकी है. दूसरी तरफ, ईरान भी इजरायल के अलग-अलग शहरों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है.