यमन के ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रक्षा मंत्रालय पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. यह दावा हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सरी ने किया है. इससे पहले मंगलवार को हूती समूह ने कहा था कि उसने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर भी बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे वहां आग लग गई. सऊदी अरब ने दोनों दावों पर अब तक कोई टिप्पणी या पुष्टि नहीं की है.
हूती यमन का वह समूह है जिसे ईरान का समर्थक माना जाता है. समूह के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सरी ने बताया कि रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया गया है. यह जानकारी हूती समूह के मीडिया सेंटर के टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट की गई. हमले के तुरंत बाद सऊदी अरब की तरफ से कोई बयान नहीं आया.
इससे पहले मंगलवार को हूती समूह ने रास तनूरा तेल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले का दावा किया था. यह सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी है. यह्या सरी के मुताबिक इस हमले से रिफाइनरी परिसर में आग लग गई. इस परिसर में रिफाइनरी के साथ एक शिपिंग टर्मिनल भी है. यह पूरा परिसर खाड़ी के किनारे बना है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में पड़ता है.
यह भी पढ़ें: हूतियों को 1 अरब डॉलर की 'फिरौती' देगा सऊदी अरब, हमले रुकवाने के लिए सरेंडर मोड में
सऊदी अधिकारियों ने रास तनूरा पर हमले की भी तुरंत पुष्टि नहीं की. यानी आग लगने या किसी नुकसान को लेकर अभी सिर्फ हूती समूह का दावा सामने है. सऊदी पक्ष की ओर से जानकारी आने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी.
रास तनूरा रिफाइनरी की क्षमता 5 लाख 50 हजार बैरल प्रतिदिन है. ईरान युद्ध के शुरुआती महीनों में इसे कुछ समय के लिए एहतियात के तौर पर बंद किया गया था. यह कदम सावधानी के तौर पर उठाया गया था.
कुल मिलाकर मंगलवार को हूती समूह ने सऊदी अरब के दो अहम ठिकानों पर हमले का दावा किया है. एक तरफ देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है और दूसरी तरफ राजधानी रियाद में रक्षा मंत्रालय. दोनों दावे हूती प्रवक्ता यह्या सरी की ओर से सामने आए हैं. फिलहाल इन दावों की सऊदी अरब की ओर से कोई पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हमलों के असर को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं है.