माल्टा से ब्रिटेन जाने वाली रायनएयर की एक फ्लाइट में यात्रियों को ऐसा अनुभव हुआ, जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएंगे. तकनीकी खराबी के कारण विमान को लंबे समय तक रनवे पर खड़ा रखा गया. इस दौरान एयर कंडीशनिंग काम नहीं कर रही थी. भीषण गर्मी में फंसे यात्रियों की हालत बिगड़ने लगी. कुछ ने गर्मी से परेशान होकर अपने कपड़े तक उतार दिए, जबकि कई यात्रियों को उल्टी हुई और दो लोग बेहोश भी हो गए.
रिपोर्ट के मुताबिक, रायनएयर की फ्लाइट FR7268 को 10 अगस्त को माल्टा से बर्मिंघम के लिए उड़ान भरनी थी. फ्लाइट सुबह 5:40 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उड़ान में देरी हुई. 16 साल की यात्री ईवा ग्रेगरी के मुताबिक, परेशानी विमान में चढ़ने से पहले ही शुरू हो गई थी.
यह भी पढ़ें: Aerospace X1 : दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक विमान ने भरी उड़ान, खर्च केवल 480 रुपये
ग्रेगरी ने बताया कि यात्रियों को करीब 30 मिनट तक बिना एयर कंडीशनिंग वाली बस में बैठना पड़ा. इसके बाद उन्हें दूसरी बस में भेजा गया, जहां भी वेंटिलेशन ठीक नहीं था और करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा.
बिना एसी के एक घंटे तक विमान में रहे यात्री
यात्रियों के विमान में पहुंचने के बाद भी हालात नहीं सुधरे. ग्रेगरी के मुताबिक, विमान में चढ़ते ही साफ हो गया था कि एयर कंडीशनिंग काम नहीं कर रही है. तकनीशियन भी इसे ठीक करने की कोशिश कर रहे थे. इसके बावजूद यात्रियों को विमान के अंदर एक घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा और केबिन लगातार गर्म होता गया.
यह भी पढ़ें: टेकऑफ से पहले पसीना, उड़ते ही ठंडक... आखिर जमीन पर विमान के साथ ऐसा क्यों होता है?
ग्रेगरी ने दावा किया कि गर्मी से परेशान होकर कई यात्रियों ने अपने कपड़े उतार दिए. दो लोग बेहोश हो गए, जबकि कुछ यात्रियों ने उल्टी की. खुद ग्रेगरी की भी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें पैनिक अटैक आया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बावजूद यात्रियों को मुफ्त पानी की बोतलें नहीं दी गईं.
उड़ान भरने के बाद काम करने लगा एसी
रायनएयर ने बताया कि फ्लाइट पहले मामूली तकनीकी खराबी के कारण लेट हुई और बाद में एक यात्री की तबीयत बिगड़ने से और देरी हुई. इंजीनियरों की जांच के बाद विमान को उड़ान के लिए मंजूरी दी गई. एयरलाइन के मुताबिक, फ्लाइट आखिरकार शाम 7 बजे माल्टा से रवाना हुई और उड़ान भरने के बाद एयर कंडीशनिंग काम करने लगी. यात्रियों ने एयरलाइन से ऐसी घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है.