इजरायली रक्षा बल (IDF) और लेबनानी सेना के बीच सीमा पर बड़ी सैन्य हलचल देखी गई है. लेबनानी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि इजरायली सैनिक सीमा के कुछ हिस्सों में घुसपैठ कर रहे हैं. चश्मदीदों के मुताबिक, लेबनानी सेना सीमा के पास स्थित करीब सात अग्रिम ऑपरेटिंग पोजीशन से पीछे हट गई है. इसी दौरान, इजरायली नौसेना ने बेरुत में एक सटीक हमला किया.
इस हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स का शीर्ष सदस्य रजा खज़ई की मौत हो है.
खज़ई की भूमिका हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमताओं को दोबारा खड़ा करने और ईरान से हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मुख्य मानी जाती थी.
बेरुत में 'राइट हैंड मैन' का खात्मा
इजरायली सेना ने ऐलान किया है कि बेरुत में मारे गए रजा खज़ई कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स का चीफ ऑफ स्टाफ थे. वह कॉर्प्स कमांडर के दाहिने हाथ माने जाते थे और हिजबुल्लाह की ताकत बढ़ाने में उनकी बड़ी भूमिका था.
आईडीएफ के मुताबिक, खज़ई ईरान और हिजबुल्लाह के बीच संपर्क की मुख्य कड़ी थे. उनका काम हिजबुल्लाह की जरूरतों और ईरान द्वारा दिए जाने वाले संसाधनों के बीच तालमेल बिठाना था.
यह भी पढ़ें: अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर किया साइबर अटैक, पॉपुलर App भी हुआ हैक
हथियारों की सप्लाई और पुनर्वास का जिम्मा
माना जाता है कि रजा खज़ई सिर्फ एक संपर्क सूत्र नहीं थे, बल्कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के हथियार उत्पादन कार्यक्रमों की निगरानी भी करते थे. आईडीएफ ने बताया कि वह ईरान से लेबनान तक हथियारों और उपकरणों के हस्तांतरण के लिए जिम्मेदार थे. 2023-2024 में इजरायल के साथ हुए युद्ध के बाद हिजबुल्लाह के पुनर्वास और उसकी खोई हुई सैन्य ताकत को ईरानी हथियारों के जरिए वापस लाने की पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व खज़ई ही कर रहा था.
यह भी पढ़ें: इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह द्वारा नियंत्रित शहरों पर दागी मिसाइलें
सीमा पर लेबनानी सेना की वापसी
जमीनी स्थिति की बात करें तो सीमा पर तनाव चरम पर है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना ने सीमा पार कुछ क्षेत्रों में प्रवेश करना शुरू कर दिया है. लेबनानी सेना ने भी अपनी सात अग्रिम चौकियों को खाली कर दिया है, जिससे इजरायली सेना की घुसपैठ का रास्ता और साफ होता दिख रहा है. क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से युद्ध के और अधिक फैलने की आशंका जताई जा रही है.