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'हम पागलपन भरी धमकी से नहीं डरते', ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर ईरानी राष्ट्रपति का पलटवार

डोनाल्ड ट्रंप की 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तीखा पलटवार किया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि धमकियों से वह झुकने वाला नहीं.

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होर्मुज को लेकर ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि हम ऐसी धमकियों से नहीं डरते. (Photo: AP)
होर्मुज को लेकर ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि हम ऐसी धमकियों से नहीं डरते. (Photo: AP)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को 48 घंटे की अल्टीमेटम दिया था. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अगले दो दिनों के भीतर बिना किसी शर्त और धमकी के इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर बमबारी करके उन्हें नष्ट कर देगा. उनकी इस धमकी पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का जवाब आया है.

पेजेश्कियान ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, 'ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम दरअसल उस हताशा को दर्शाता है, जो एक इतिहास रचने वाले राष्ट्र की दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने खड़ी है. धमकियां और आतंक हमारे संकल्प को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करते हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुला है, सिवाय उनके जो हमारी जमीन और संप्रभुता का उल्लंघन करते हैं. हम युद्धभूमि में किसी भी पागलपन भरी धमकी का डटकर और निर्णायक तरीके से सामना करने के लिए तैयार हैं.'

Trump Truth Social

तुर्की टुडे (Turkiye Today) की रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज को लेकर ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इजरायल और खाड़ी देशों के नागरिकों को संभावित बाधाओं के लिए तैयार रहने की सलाह दी है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के सहयोगी इस्माइल सेकब इस्फहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से अपील की कि वे अगले 48 घंटों के भीतर पानी का स्टॉक कर लें और अपने फोन चार्ज रखें. 

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Masoud Pezeshkian

उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात ने ट्रंप पर दबाव बढ़ा दिया है और यदि अमेरिकी और इजरायल क्षेत्र में ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हैं, तो यह दबाव और बढ़ सकता है. उधर, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, 'ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला पूरे इलाके में व्यापक ब्लैकआउट का कारण बन सकता है.'

होर्मुज दुश्मनों को छोड़कर सबके लिए खुला

इससे पहले ईरान ने ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुश्मनों को छोड़कर बाकी सबके लिए खुला है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद नहीं रखना चाहता. इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसावी ने रविवार को कहा कि 'दुश्मन देशों' के जहाजों को छोड़कर बाकी सबके लिए यह रास्ता खुला है. यहां दुश्मन से उनका सीधा मतलब अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों से है. ईरानी प्रतिनिधि ने कहा है कि अगर कोई जहाज उनके सुरक्षा नियमों का पालन करता है और उसका ताल्लुक उनके दुश्मनों से नहीं है, तो उसे होर्मुज गुजरने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्यों बढ़ा तनाव?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का परिवहन इसी रास्ते से होता है. ईरान इस पर भौगोलिक नियंत्रण रखता है, इसलिए यहां उसका दबदबा है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की. इसके तहत उसने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर रोक और नियंत्रण बढ़ा दिया. होर्मुज के रास्ते तेल और गैस की सप्लाई रुकने से वैश्विक तेल बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं. संक्षेप में कहें तो यह सिर्फ एक समुद्री रास्ते का विवाद नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और शक्ति संतुलन की बड़ी लड़ाई बन चुका है.

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