पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने आरजी कर मामले से जुड़ी फाइलें फिर से खोल दी हैं. नए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के मामले की जांच की नए सिरे से समीक्षा करने की घोषणा की है.
शुक्रवार को मुखर्जी ने पीड़िता के माता-पिता के साथ लगभग डेढ़ घंटे की बैठक की, ताकि जांच और मामले को संभालने में कथित कमियों के बारे में उनकी चिंताओं को समझा जा सके.
अधिकारियों के अनुसार, मंत्री ने इस बारे में जानकारी मांगी कि जांच कैसे की गई और इसमें क्या कमियां या खामियां रह गई थीं. इस बातचीत के बाद, उन्होंने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और नतीजों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक और बैठक की.
पत्रकारों से बात करते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार अब तक हुई जांच से असंतुष्ट है और इसलिए उसने फाइलें फिर से खोलने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, 'यह मामला हमारे दिल के बहुत करीब है. हम लगभग डेढ़ साल से न्याय के लिए लड़ रहे हैं, फिर भी हम अब तक के नतीजों से संतुष्ट नहीं हैं. इसीलिए हमने फाइल फिर से खोली है.'
क्या सबूतों को सुनियोजित तरीके से नष्ट किया गया था?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े सबूतों और जानकारी को सुनियोजित तरीके से नष्ट किया गया था. उन्होंने कहा कि विभाग यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि सबूत नष्ट करने के लिए कौन जिम्मेदार था, इस प्रक्रिया में किसने मदद की हो सकती है, और क्या जांच से जुड़ी कथित अनियमितताओं में कोई बड़ा नेटवर्क शामिल था.
मुखर्जी ने कहा कि सभी उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और सबूतों को इकट्ठा किया जाएगा और आगे की जांच-पड़ताल के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और आपराधिक जांच विभाग (CID) जैसी जांच एजेंसियों के साथ शेयर किया जाएगा.
उन्होंने कहा, 'हमने अभी उपलब्ध हर चीज की समीक्षा की है और इस सामग्री को जांच एजेंसियों के सामने रखेंगे.'
बता दें, आरजी कर मामला अगस्त 2024 का है, जब सरकारी अस्पताल के अंदर 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर मृत पाई गई थीं. पीड़िता अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के अंदर एक सेमिनार हॉल में बेहोश पाई गई थीं और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. अस्पताल के सूत्रों ने उनके शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही थी, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था.