प्रशांत महासागर के तापमान में वृद्धि से उत्पन्न अल नीनो पिछले वर्षों में सबसे भयानक साबित हो सकता है. यह घटना 1950 के बाद अब तक सबसे शक्तिशाली और खतरनाक अल नीनो मानी जा रही है. इसके प्रभाव से दुनिया के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की गई है. कई क्षेत्रों में सूखे की परिस्थितियाँ बन रही हैं जबकि कहीं-कहीं बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है.