ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग को एक महीना हो गया है. अब ये युद्ध शिक्षा संस्थानों तक पहुंच गया है. हाल ही में तेहरान स्थित 'ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी' पर हमला किया गया था. अब ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने इस हमले का बदला लेने की धमकी दी है.
IRGC ने अपने एक बयान जारी करते हुए सीधे तौर पर व्हाइट हाउस को चेतावनी दी है. सेना ने कहा है कि ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमले का बदला अमेरिका और इजरायल के शिक्षण संस्थान पर हमला करके लिया जाएगा.
ईरान ने अमेरिका को इस हमले से बचने के लिए एक समय-सीमा भी दी है. IRGC ने शर्त रखी है कि अगर अमेरिका चाहता है कि उसक यूनिवर्सिटीज सुरक्षित रहें, तो उसे तेहरान में यूनिवर्सिटी पर हुए हमले की निंदा करनी होगी.
IRGC ने अपने बयान में कहा, व्हाइट हाउस के लापरवाह शासकों को जान लेना चाहिए कि अब से कब्जा करने वाले शासन (इजरायल) के सभी विश्वविद्यालय और पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी यूनिवर्सिटीज तब तक वैध लक्ष्य मानी जाएंगी, जब तक कि ईरानी विश्वविद्यालयों के विनाश के बदले में दो विश्वविद्यालयों पर जवाबी हमला नहीं कर दिया जाता.
ट्रंप सरकार को ईरान का अल्टीमेटम
ईरानी सेना ने कहा, अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय उन दो लक्षित विश्वविद्यालयों के अलावा बदले के इस चरण से बाहर रहें, तो उसे सोमवार, 30 मार्च को तेहरान समय के मुताबिक दोपहर 12 बजे तक विश्वविद्यालयों पर बमबारी की निंदा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी करना होगा.
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वहीं, इजराइल ने शनिवार को तेहरान पर किए गए हमलों की पुष्टि की है. इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने उन बुनियादी ढांचा स्थलों को निशाना बनाया है जो ईरान सरकार से जुड़े थे. हालांकि, ईरान का आरोप है कि ये हमले जानबूझकर शैक्षणिक संस्थानों और वैज्ञानिक नींव को कमजोर करने के लिए किए गए हैं.