ओमान के जल क्षेत्र से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो जहाजों पर ईरान ने हमले किए हैं. होर्मुज में हुए इस मिसाइल अटैक में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि चालक दल के आठ अन्य सदस्य घायल हो गए हैं. घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जवाबी हमले का अधिकार हम सुरक्षित रखते हैं. इसे लेकर अब ईरान का भी बयान आया है.
ईरान ने बयान जारी कर कहा है कि होर्मुज से गुजर रहे इन जहाजों को चेतावनी दी गई थी. ईरान का दावा है कि दोनों जहाजों ने उसकी ओर से एक के बाद एक, लगातार दी जा रही चेतावनियों को नजरअंदाज किया. दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए थे और ईरानी सुरक्षाबलों के निर्देशों के बावजूद चेतावनियों की अनदेखी कर बारूदी सुरंग वाले रास्ते से गुजरने की कोशिश की थी.
ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सुपरटैंकरों को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर निष्क्रिय कर दिया गया है. इन टैंकरों ने समुद्री सुरक्षा के संबंध में हमारी चेतावनियों का पालन नहीं किया. ईरानी सेना का दावा है कि दोनों जहाजों ने जानबूझकर अपने नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिए थे. यह टैंकर खतरनाक रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे.
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आईआरजीसी ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए अवैध रास्ते का उपयोग करने को प्रोत्साहित कर रहा है. ईरानी सेना ने यह चेतावनी भी दी है कि दुश्मन के साथ सहयोग करने से केवल नुकसान ही होगा. रणनीतिक नजरिये से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को खोलने में और देरी होगी, वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा हो जाएगा.
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ट्रंप ने किया है नाकेबंदी का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही समंदर में ईरान की नाकेबंदी फिर से लागू करने का ऐलान कर दिया था. ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका अपने हाथ में लेगा. ट्रंप ने इस रास्ते से गुजरने वाले माल पर 20 फीसदी टैक्स लेने की भी घोषणा की थी और कहा था कि अमेरिका अब गार्डियन ऑफ होर्मुज की भूमिका निभाएगा.