अमेरिका स्थित कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में एक शॉपिंग सेंटर में रेस्टोरेंट के बाहर 38 वर्षीय भारतीय मूल की महिला शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी. अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, भारत से आए 22 वर्षीय अंडॉक्युमेंटेड प्रवासी रोहित ने महीनों तक पीछा करने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया.
डीएचएस के अनुसार, रोहित शालिनी ठाकुर की कार के पास पहुंचा तो महिला ने बचने की कोशिश की. इसके बाद उसने महिला पीछा करते हुए कई राउंड फायरिंग की और महिला के जमीन पर गिरते ही उसने बेहद करीब से महिला के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गया. हालांकि, बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.
आरोपी ने एरिजोना के रास्ते की अमेरिका में एंट्री
होमलैंड सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि रोहित ने 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका में एंट्री की थी. अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने उसे पकड़ा भी था, लेकिन बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के प्रशासन के तहत उसे छोड़ दिया गया था. उसके कानूनी निवास से जुड़े विशिष्ट विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं.
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी बताते हैं कि आरोपी जनवरी 2026 से महिला का पीछा कर रहा था, जब शालिनी को अपनी कार के हुड के नीचे एक एप्पल एयरटैग मिला था. उसने मदद का नाटक करने के लिए महिला की कार के टायर भी पंचर किए और ऑफिस तक पीछा किया. सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस ने बताया कि उसने फ्लैट की चाबी बनाकर सोते समय घर में घुसने की कोशिश भी की थी. मई में रिस्ट्रैनिंग ऑर्डर मिलने के बाद भी वह जुलाई तक उसका पीछा करता रहा.
शालिनी ने दोपहर को की थी मां से बात
शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने KCRA 3 को बताया कि उन्होंने मंगलवार को दोपहर करीब 2 बजे अपनी बेटी से फोन पर बात की थी. उनकी बेटी उनसे कहा था कि वह 15 मिनट में वापस फोन करेगी, लेकिन उसने कभी फोन नहीं किया. ये बातचीत उसकी हत्या से लगभग एक घंटे पहले हुई थी.
शेरिफ ऑफिस के प्रवक्ता सार्जेंट अमर गांधी ने कहा कि दोनों अलग-अलग एम्प्लॉयर्स के लिए काम करते थे लेकिन दोस्त थे और कुछ सालों से एक-दूसरे को जानते थे. गांधी ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि जैसे-जैसे जनवरी में रोहित का व्यवहार खराब होता गया, 'साफ तौर पर, वह उसे लेकर बहुत ज़्यादा जुनूनी हो गया था.'
शेरिफ ऑफिस के अनुसार, ठाकुर ने पहली बार मार्च में अधिकारियों को इन घटनाओं की सूचना दी थी, लेकिन शुरू में उसने आपराधिक आरोप या रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर (रोक लगाने का आदेश) न लेने का फैसला किया था. मई में अधिकारियों ने उन्हें फिर से 'रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर' (रोक लगाने का आदेश) लेने की सलाह दी और उन्होंने ऐसा किया भी.
रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर के लिए कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में शालिनी ने लिखा था कि वह रोहित को 'डोरडैश' (DoorDash) डिलीवरी ड्राइवर के तौर पर जानती थीं और वह अक्सर उनके घर के बाहर घंटों तक गाड़ी खड़ी करके उनसे रोज बात करता था. डोरडैश ने शुक्रवार को कहा कि वह शेरिफ ऑफिस की जांच में सहयोग कर रहा है.
'सैक्रामेंटो बी' के अनुसार, डोरडैश के एक प्रवक्ता ने कहा, 'ये एक त्रासदी है और शालिनी के परिवार और उनके चाहने वालों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं, जो इस भारी नुकसान का दुख झेल रहे हैं.'