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यूरोप के साथ ट्रेड डील के बाद अमेरिका जा रहे जयशंकर, क्या है मकसद?

विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले हफ्ते अमेरिका जा रहे हैं. इसके पहले जयशंकर 30-31 जनवरी को भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेंगे, जिसमें अरब लीग के महासचिव भी शामिल होंगे.

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विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले महीने अमेरिका जा रहे हैं (File Photo: Reuters)
विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले महीने अमेरिका जा रहे हैं (File Photo: Reuters)

टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका में तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर अगले हफ्ते वॉशिंगटन डीसी के दौरे पर जा रहे हैं. उनका यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिका से नाराज चल रहे यूरोप और भारत ने मुक्त व्यापार समझौता कर लिया है. विदेश मंत्री अमेरिका जाकर क्रिटिकल मिनरल्स पर आयोजित एक हाई लेवल मीटिंग में हिस्सा लेंगे.

मीटिंग 4 फरवरी को अमेरिकी विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) में आयोजित की जा रही है जिसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे. यह मीटिंग क्रिटिकल मिनरल्स पर पहली मंत्री स्तरीय बैठक है.  

इस बैठक का मकसद दुनिया भर के पार्टनर देशों को एक मंच पर लाना है, ताकि क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सहयोग बढ़ाया जा सके. इनमें लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे जरूरी पदार्थ शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों से लेकर डिफेंस सिस्टम और नवीकरणीय ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अहम है.

बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि चीन ने क्रिटिकल मिनरल्स के निर्यात पर अपना कंट्रोल बढ़ा दिया है. चीन अब तक क्रिटिकल मिनरल्स के सप्लाई चेन पर कंट्रोल करता आया है. अमेरिका चीन के प्रभुत्व को खत्म करने के लिए दुनिया के अन्य देशों के साथ इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

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अमेरिका जाने से पहले इंडिया-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग होस्ट करेंगे विदेश मंत्री

भारत 30-31 जनवरी को दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग को होस्ट करेगा. विदेश मंत्री जयशंकर इस बैठक की मेजबानी करेंगे. बैठक में अरब देशों के 10 से अधिक विदेश मंत्री और उप विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे, जिनमें अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घैत भी शामिल हैं.

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