पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया कि उसने अपने एक सैन्य कार्रवाई में हिज़्बुल्लाह के सीनियर कमांडर अली मूसा दकदूक को मार गिराया है. इस घातक हमले पर ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
इजरायल की सेना का कहना है कि शुक्रवार को लितानी नदी के दक्षिण लेबनान इलाके में अली मूसा दकदूक को हमले में निशाना बनाया गया था, जिसमे उसकी मौत हो गई है.
नसर यूनिट का कमांडर था मूसा
इजरायली सेना के मुताबिक, दकदुद ने हिज्बुल्लाह के अंदर कई बड़ी जिम्मेदारियां संभाली थीं. वह संगठन के इन्फैंट्री (पैदल सेना) का प्रमुख, नसर यूनिट की ऑपरेशन यूनिट का कमांडर और दक्षिणी सीरिया में हिज्बुल्लाह के पैर जमाने के प्रयासों से जुड़ी 'गोलान फाइल' का मुख्य कमांडर था. पिछले कई सालों से वह लेबनान सीमा पर इजरायली सैनिकों के खिलाफ हिज्बुल्लाह की पूरी ऑपरेशनल प्लानिंग का नेतृत्व कर रहा था.
अली मूसा दकदुद का पुराना हिंसक रिकॉर्ड रहा है और उसे साल 2007 में इराक के अंदर पांच अमेरिकी सैनिकों के अपहरण और उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोप में अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त अमेरिकी सेना ने उसे जेल में भी बंद किया था. इससे पहले नवंबर 2024 में सीरिया के अंदर हुए एक इजरायली हमले में भी दकदुद के मारे जाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन वह उस हमले में सुरक्षित बच गया था.
बता दें कि इस शीर्ष कमांडर की मौत हिज्बुल्लाह के लिए एक व्यक्तिगत क्षति भी है, क्योंकि दकदुद का अपना बेटा हसन अली दकदुद भी 8 दिसंबर 2023 को दक्षिणी सीरिया में एक इजरायली ड्रोन हमले के दौरान मारा गया था.
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, दकदुद के मारे जाने की खबर पर ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम हमलावरों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि उन्हें अपने किए पर पछतावा होगा.'