अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग तेज हो गई है. अमेरिकी सेना के ईरान पर किए गए हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर भी बदले नजर आ रहे हैं. ट्रंप ने पहले तो इस घटना को मामूली बताया था, लेकिन अब ट्रंप का मूड आक्रामक नजर आ रहा है.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. इस हमले को लेकर ट्रंप का शुरुआती रुख काफी नरम था. वो इस हमले पर ज्यादा कड़ा रुख अपनाकर तनाव नहीं बढ़ाना चाहते थे.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में ट्रंप ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि पायलट ठीक हैं. ट्रंप ने इस हमले को लेकर कहा था कि 'ये कोई बड़ी बात नहीं थी.'
ब्रीफिंग के बाद बदला फैसला
लेकिन, व्हाइट हाउस में हुई एक अहम सैन्य ब्रीफिंग के बाद ट्रंप का मूड अब पूरी तरह बदल गया है. इस बैठक के दौरान हेगसेथ और जनरल केन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की सख्त सिफारिश की. इस ब्रीफिंग के बाद ट्रंप ने अपना इरादा बदल दिया.
ट्रंप ने बाद में कहा कि अमेरिका को इस हमले का जवाब हर हाल में देना चाहिए. उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया, तो वो दोबारा युद्ध शुरू करने के बारे में सोचेंगे.
अमेरिकी सेना का हमला और ट्रंप की बड़ी चेतावनी
ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर आत्मरक्षा में हवाई हमले शुरू कर दिए. सेंटकॉम ने एक बयान जारी कर इन हमलों को ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया. लेकिन ट्रंप इस 'बराबर की कार्रवाई' वाले शब्द से सहमत नहीं दिखे. उन्होंने देर रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर टीवी शो 'The West Wing' का एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया.
इस क्लिप में सीरीज के मुख्य किरदार, राष्ट्रपति जोसैया बार्टलेट अपने सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक कर रहे हैं. इस सीन में राष्ट्रपति बार्टलेट अमेरिकी सैनिकों पर हुए एक हमले के खिलाफ प्रपोशनल सैन्य कार्रवाई करने के विचार को पूरी तरह खारिज कर देते हैं.
वो इस वीडियो में मशहूर डायलॉग बोलते हैं, 'अगर आप किसी अमेरिकी को मारते हैं, किसी भी अमेरिकी को, तो हम बराबर की प्रतिक्रिया के साथ वापस नहीं आते हैं. हम पूरी तबाही के साथ वापस आते हैं.'
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पूरी ताकत के साथ हमला करने की चेतावनी
ट्रंप ने ये वीडियो शेयर करके सीधे तौर पर अपनी ही सेना के प्रपोशनल एक्शन पर असहमति जताई है. इस वीडियो के जरिए ट्रंप ने ईरान और दुनिया को ये संदेश देने की कोशिश की कि वो किसी भी अमेरिकी संपत्ति या सैनिक पर हुए हमले के बदले सिर्फ बराबर की कार्रवाई करने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि वो दुश्मन को पूरी तरह तबाह करने की ताकत और इरादा रखते हैं.