पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ. हमले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हमलावार ने अत्याधुनिक हथियार से यह हमला किया (Attack on Donald Trump).
डोनाल्ड ट्रंप 2016 से 2020 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे हैं और आगामी नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हैं. उन्होंने पेंसिल्वेनिया में अपनी रैली के दौरान हुई गोलीबारी की घटना पर कहा कि एक गोली उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में लगी.
हालांकि, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने उन्हें मौके से सुरक्षित निकाल लिया. डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने हमलावर को मार गिराया. रैली में आए दर्शकों में से एक सदस्य की मौत हो गई और एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है.
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास अचानक हुई फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक देर रात सुरक्षा चेकपॉइंट के पास एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ पहुंचा और अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को वहीं मार गिराया. घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली चलने के बाद आसपास के क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.
Stock Market Rally Today: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ समझौता होने के संकेत दिए हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट बमबम हैं और इसका असर भारत में भी देखने को मिला है. सेंसेक्स ने ओपनिंग के साथ ही 600 अंक की छलांग लगा दी है.
फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव अब ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से तेल सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. इस स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है और आने वाले समय को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.
अब तक चार बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जान लेने की कोशिश की गई है। ताज़ा मामला 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर' का है साल की वो रात जब पत्रकार, मशहूर हस्तियां और दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग एक छत के नीचे होते हैं। इसी बीच गोलियां चलती हैं और महाशक्ति का राष्ट्रपति घेरे में आ जाता है। कूटनीति' में आज बात उस खौफनाक वारदात की जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। आज विश्लेषण करेंगे कि आखिर उस रात क्या हुआ और अगर ये हमला सफल हो जाता, तो परमाणु कोड्स और अमेरिका की कमान किसके हाथ में होती?
एफबीआई ने ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग केस की गहन जाँच शुरू कर दी है. एजेंसी ने अपनी जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स और एविडेंस रिस्पॉन्स टीम को जाँच में लगाया है ताकि सभी संभावित पहलुओं को पूरी तरह जांचा जा सके.
अमेरिका में कॉरेस्पोंडेंट डिनर को मीडिया और सरकार के बीच सबसे बड़े इवेंट के रूप में माना जाता है. इस इवेंट में न केवल सरकार और मीडिया के लोग शामिल होते हैं बल्कि ग्लैमर और बिजनेस कॉर्पोरेट की दुनिया के लोग भी इसमें सहभागी होते हैं. ये अब एक हाई प्रोफाइल इवेंट बन चुका है जहाँ नेता, पत्रकार, सेलिब्रिटी और कारोबार के लोग एक ही छत के नीचे इकट्ठा होते हैं.
जाँचकर्ताओं के अनुसार ट्रंप की डिनर पार्टी में गोलीबारी करने वाले संदिग्ध कोल थॉमस एलेन ने लॉस एजिल्स से शिकागो होते हुए राजधानी वाशिंगटन डीसी तक ट्रेन से यात्रा की थी. लिंक्डइन पर उसने खुद को मैकेनिकल इंजीनियर, गेम डेवलपर और शिक्षक बताया.
वाशिंगटन में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना के बाद आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था. जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने सीक्रेट सर्विस एजेंट पर गोली चलाई थी.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पूरी टीम पर हमले से पूरी दुनिया हैरान है. ये हमला, व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुआ, जब होटल हिल्टन में डोनाल्ड ट्रंप से लेकर, अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत पूरी ट्रंप सरकार मौजूद रहती है. होटल में एक हमलावर घुसता है और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाता है. अब इस हमले का बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है. देखें वीडियो.
वॉशिंगटन शूटिंग मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. संदिग्ध कोल टॉमस एलन को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. उस पर अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट पर हमला करने और हथियार के इस्तेमाल के आरोप लग सकते हैं. एलन ने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी.
'रिएक्शन टाइम ठीक था...', गोलीकांड पर बोले ट्रंप.
बीस महीने के अंतराल में डोनाल्ड ट्रंप पर हुए दो जानलेवा हमलों ने कई संयोग उजागर कर दिए हैं. जिसमें शूटर्स, उनका बैकग्राउंड, मोटिव, और ट्रंप के फैसलों के तार आपस में जुड़ते दिख रहे हैं.
दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स, अमेरिकी राष्ट्रपति की सिक्योरिटी कैसे काम करती है? कैसे सिर्फ सेकेंड्स में अमेरिका की सीक्रेट सर्विस 'पोटस' के चारों तरफ एक सुरक्षा घेरा बना लेती है. एक ऐसा घेरा जिसको भेद पाना नामुमकिन होता है. ये लोगों ने सिर्फ सुना ही था, लेकिन हिल्टन होटल में इसका लाइव टेलीकास्ट भी देख लिया. देखें वीडियो.
क्या वॉशिंगटन के होटल में हुई गोलीबारी का अमेरिका-ईरान युद्ध से भी कोई कनेक्शन हो सकता है? फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन खुद ट्रंप ने एक बयान देकर इस बहस को छेड़ दिया है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इसके तार ईरान से जुड़े हैं? देखें वीडियो.
डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी में हुई फायरिंग ने सबको हैरान कर दिया. ट्रंप से सिर्फ 30 सेकेंड की दूरी पर हमलावर ने गोलीबारी की. अमेरिका के तमाम वीवीआईपी इस डिनर में मौजूद थे. डिनर हॉल में क्या कुछ हुआ, मौके पर मौजूद ANI की पत्रकार रीना भारद्वाज ने आजतक से बातचीत में पूरा घटनाक्रम बताया. देखें वीडियो.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की डिनर पार्टी में हुई फायरिंग ने सबको हैरान कर दिया. ट्रंप से सिर्फ 30 सेकेंड की दूरी पर हमलावर ने फायरिंग की. अमेरिका के तमाम वीवीआईपी इस डिनर में मौजूद थे. ऐसे में क्या कुछ हुआ आइए वहां मौजूद चश्मदीदों से समझने की कोशिश करते हैं.
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर के दौरान हुई गोलीबारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन के रूप में हुई है, जो कैलिफ़ोर्निया से ट्रेन के जरिए वॉशिंगटन पहुंचा था. उसके पास से कई घातक हथियार बरामद हुए हैं. उसके निशाने पर ट्रंप प्रशासन के अधिकारी थे.
व्हाइट हाउस में डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशंका जताई है कि हमलावर का निशाना वही थे. इस घटना के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और FBI की आतंकवाद-रोधी इकाई जांच में जुटी है.
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि दोनों पार्टियों को एक साथ लाने के लिए संवाददाताओं के साथ कॉरेस्पोंडेंस डिनर आयोजित किया गया था. उनका मानना है कि इस डिनर का उद्देश्य सभी को एक टेबल पर लेकर आना था और यह मकसद पूरी तरह से सफल हुआ. इस डिनर ने दोनों राजनीतिक दलों के बीच संवाद और एकजुटता को बढ़ावा दिया.
कौन है ट्रंप पर हमला करने वाला आरोप?
सीक्रेट सर्विस अमेरिका की एक बहुत खास और ताकतवर एजेंसी है. इसका काम सिर्फ नेताओं की सुरक्षा करना ही नहीं है, बल्कि देश को धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से भी बचाना है. यह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बड़े नेताओं की हर समय रक्षा करती है, ताकि उन्हें कोई खतरा न हो.