अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है. दोनों नेताओं की ये बैठक फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के इतर होने की संभावना जताई जा रही है.
G7 शिखर सम्मेलन 16 और 17 जून 2026 को फ्रांस में आयोजित होने जा रहा है. इस साल जी-7 शिखर सम्मेलन की मेजबानी फ्रांस कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दोनों ही इस हाई-प्रोफाइल बैठक में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस की यात्रा पर रहेंगे.
इस दौरान दुनिया भर की नजरें इन दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं पर टिकी होंगी. माना जा रहा है कि अगर ये मुलाकात होती है, तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा हो सकती है.
हालांकि, अभी तक ट्रंप और पीएम मोदी की बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने की ये मुलाकात उनके एंगेजमेंट शेड्यूल पर निर्भर करेगी.
आखिरी बार 2025 में मिले थे पीएम मोदी-ट्रंप
बता दें कि ट्रंप और पीएम मोदी की आखिरी मुलाकात 13 फरवरी 2025 को हुई थी. पीएम मोदी अमेरिका यात्रा पर गए थे और उन्होंने वाशिंगटन डी.सी. स्थित व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी. डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद ये पीएम मोदी की उनके साथ पहली द्विपक्षीय बैठक थी.
जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. इसमें शामिल देश वैश्विक आर्थिक शासन, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा नीति जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हर साल एक शिखर सम्मेलन का आयोजन करते हैं.
जी-7 समूह में शामिल ये 7 देश
जी-7 समूह में दुनिया के सात बड़े देश शामिल हैं, इस लिस्ट में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका का नाम शामिल है. इसके अलावा, यूरोपीय संघ (EU) भी बतौर गेस्ट इसकी सभी चर्चाओं और बैठकों में हिस्सा लेता है.
यह भी पढ़ें: 'होर्मुज के पास ईरान ने मार गिराया हमारा हेलिकॉप्टर', ट्रंप बोले- अमेरिका देगा जवाब
जी-7 में भारत का रोल
भारत जी-7 समूह का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन इसके बढ़ते वैश्विक प्रभाव और मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण जी-7 देश पिछले कई सालों से भारत को एक 'आउटरीच देश' या स्पेशल गेस्ट के रूप में शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेने के लिए लगातार आमंत्रित करते आ रहे हैं.