न्यूयॉर्क की अदालत ने बुधवार को पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे वेनस्टीन को साल 2006 में पूर्व टीवी प्रोडक्शन असिस्टेंट मरियम हेली के साथ गंभीर यौन अपराध मामले में 15 साल की सजा सुनाई है.
ये फैसला जूरी द्वारा पिछले साल हुए रीट्रायल में उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद आया है. वाइन्स्टीन ने मैनहट्टन स्थित अपने अपार्टमेंट के बेडरूम में हेली को धकेलकर यौन उत्पीड़न किया था. साल 2020 में मिली पहली सजा के रद्द होने के बाद छह साल से ज्यादा लंबी कानूनी लड़ाई के तहत ये सजा मुकर्रर की गई है.
2024 में रद्द हुई थी सजा
न्यूयॉर्क की शीर्ष अदालत ने साल 2024 में वाइन्स्टीन की पुरानी सजा को पूरी तरह रद्द कर दिया था. अदालत ने फैसला सुनाया था कि मुकदमे में उन अन्य महिलाओं की गवाही शामिल की गई थी, जिनके आरोप इस मुख्य केस का हिस्सा ही नहीं थे. इससे वाइन्स्टीन के खिलाफ पूर्वाग्रह पैदा हुआ. इसके बाद अदालत ने मामले में नए सिरे से ट्रायल चलाने का आदेश जारी किया था.
रीट्रायल में फिर साबित हुआ दोष
वहीं, पिछले साल चले दूसरे ट्रायल में जूरी ने वाइन्स्टीन को 2006 में मैनहट्टन अपार्टमेंट में हेली पर किए गए हमले के लिए फर्स्ट-डिग्री क्रिमिनल सेक्स एक्ट का दोबारा दोषी पाया था. इस गंभीर आरोप में अधिकतम 25 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान था. इसके बाद बुधवार को अदालत ने उन्हें 15 साल की कैद की सजा सुनाई.
बता दें कि हार्वे वेनस्टीन पर पहली बार साल 2017 में सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था. आपराधिक न्याय प्रणाली की लंबी प्रक्रिया के बीच वह पहले ही छह साल से ज्यादा वक्त जेल में काट चुके हैं.
वहीं, वाइन्स्टीन लगातार किसी भी महिला के साथ दुष्कर्म या यौन उत्पीड़न करने के आरोपों से साफ इनकार किया है.