संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS समिट की नई दिल्ली घोषणा की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि यह राहत की बात है कि दुनिया की अहम ताकतें अब भी बहुपक्षीय व्यवस्था के जरिए वैश्विक संकटों का समाधान चाहती हैं. गुटेरेस ने यह बात उस समय कही है जब दुनिया के कई बड़े संकटों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गहरी असहमति बनी हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि ताकतवर मुल्क इंटरनेशनल कानून तोड़ने का भी आरोप लगाया.
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुटेरेस ने कहा कि नई दिल्ली घोषणा बहुपक्षीय व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाती है. इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था पर कड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतवर देश खुद अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और वही देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी बैठे हैं. इससे सुरक्षा परिषद कई बड़े मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पा रही है.
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सुरक्षा परिषद में सुधार का भी किया समर्थन
गुटेरेस ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. उनके मुताबिक, 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना कई दशक पुरानी दुनिया को दिखाती है, जबकि आज दुनिया की ताकत का संतुलन बदल चुका है. उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय संस्थाओं को आज की दुनिया के हिसाब से बदला जाना जरूरी है.
यूएन चीफ ने कहा कि बड़ी ताकतों की तरफ से आने वाला उदाहरण अच्छा नहीं है. जब सुरक्षा परिषद प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं कर पाती, तो दुनिया के दूसरे देशों को भी लगता है कि वे अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकते हैं. गुटेरेस के मुताबिक, इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून के उल्लंघन बढ़ रहे हैं.
'दुनिया में ताकत का बंटवारा बदलना जरूरी'
BRICS जैसे संगठनों के बढ़ते प्रभाव को लेकर सवाल पर गुटेरेस ने कहा कि दुनिया लगातार ज्यादा बहुध्रुवीय हो रही है. लेकिन वैश्विक संस्थाओं की संरचना अभी भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के ताकत के संतुलन को दिखाती है.
उन्होंने कहा कि विकसित देशों की वैश्विक GDP में हिस्सेदारी धीरे-धीरे घट रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है. ऐसे में दुनिया में ताकत का बंटवारा भी बदलना जरूरी है.
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गुटेरेस ने कहा कि सुरक्षा परिषद और ब्रेटन वुड्स सिस्टम उन दो क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा सुधार की जरूरत है. उनके मुताबिक, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार के जरिए ही शांति, विकास और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम किया जा सकता है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक 22 सितंबर से शुरू होगा. यह गुटेरेस का दिसंबर 2026 में अपना दूसरा पांच साल का कार्यकाल खत्म होने से पहले आखिरी हाई-लेवल UNGA वीक होगा.