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रूस का टैंकर भर तेल लगा दांव पर! आधे रास्ते से लौटाया गया वापस

फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर रूस के एक प्रतिबंधित तेल टैंकर 'टैगोर' को अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कब्जे में लिया. फ्रांसीसी नौसेना ने जहाज पर चढ़कर जांच की और पाया कि जहाज ने फर्जी झंडा लगाया था.

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रूसी तेल पर अमेरिका की छूट खत्म होने वाली है (File Photo)
रूसी तेल पर अमेरिका की छूट खत्म होने वाली है (File Photo)

फ्रांस ने रविवार को ब्रिटेन के साथ मिलकर रूस के एक तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया. फ्रांस की नौसेना ने रविवार को रूस से आ रहे और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में शामिल तेल टैंकर 'टैगोर' (Tagor) पर कार्रवाई करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया. यह जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी.

मैक्रों ने लिखा, 'यह ऑपरेशन अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कई साझेदार देशों, जिनमें यूनाइटेड किंगडम भी शामिल है, के सहयोग से समुद्री कानून का पूरी तरह पालन करते हुए चलाया गया.'

उन्होंने कहा, 'यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करें, समुद्री कानून का उल्लंघन करें और उस युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचाएं जो रूस पिछले चार वर्षों से यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहा है.'

अटलांटिक समुद्री प्रीफेक्चर ने सोमवार को जारी एक अलग बयान में कहा कि फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटनी प्रायद्वीप के पश्चिम में 400 समुद्री मील (करीब 740 किलोमीटर) से अधिक दूरी पर एक तेल टैंकर को रोका. यह जहाज रूस के मुरमान्स्क बंदरगाह से आ रहा था.

बयान में कहा गया, 'इस ऑपरेशन का मकसद जहाज की राष्ट्रीयता की जांच करना था क्योंकि हमें शक था कि जहाज पर फर्जी झंडा लगा है. निरीक्षण दल के जहाज पर चढ़ने के बाद डॉक्यूमेंट्स की जांच में यह संदेह सही पाया गया कि जहाज ने फर्जी झंडा लगाकर गुमराह करने की कोशिश की थी. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कानून और सरकारी अभियोजक के अनुरोध पर जहाज को वापस मोड़ दिया गया.'

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हालांकि प्रीफेक्चर ने जहाज का नाम नहीं बताया.

तेल टैंकर टैगोर बाल्टिक सागर की तरफ जा रहा था और 29 मई को इसके वहां पहुंचने की उम्मीद थी. हालांकि, उसमें लदे तेल का डेस्टिनेशन तय नहीं था. आगे मिलने वाले आदेशों के आधार पर उसकी मंजिल तय की जानी थी. लेकिन फ्रांस ने जहाज को रोक लिया और रास्ता बदलकर दूसरी दिशा में जाने का आदेश दिया.

जहाज साल 2005 में बनाया गया था. यह लगभग 21 साल पुराना है और वर्तमान में मेडागास्कर के झंडे के तहत संचालित हो रहा है. 

प्रतिबंधों के बावजूद, पहचान छिपाकर रूसी तेल बेच रहे जहाज

हाल के महीनों में फ्रांस ने ऐसे कई संदिग्ध 'शैडो फ्लीट' टैंकर रोके हैं. पश्चिमी देशों का आरोप है कि ये जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी तेल ढो रहे हैं.

मार्च में एक फ्रांसीसी अदालत ने एक संदिग्ध रूसी शैडो फ्लीट टैंकर के कप्तान को अनुपस्थिति में एक वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी. उस पर आरोप था कि उसने सितंबर 2025 में फ्रांसीसी नौसेना के जहाज रोकने के आदेश का पालन नहीं किया था. बाद में उस जहाज को छोड़ दिया गया था.

फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम दोनों ने मिलकर यह फैसला किया है कि वो अपने जलक्षेत्र से गुजरने वाले रूस के प्रतिबंधित 'शैडो फ्लीट' से जुड़े जहाजों को गुजरने नहीं देंगे.

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने मार्च में घोषणा की थी कि उन्होंने ब्रिटिश सेना को शैडो फ्लीट से जुड़े जहाजों पर चढ़कर जांच करने की अनुमति दे दी है.

इसके बावजूद, शिपिंग डेटा से पता चलता है कि रूस से जुड़े और प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले दर्जनों जहाज अब भी ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे हैं.

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