अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम संबोधन में अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, सेना, ईरान, चुनावी सुरक्षा और विदेश नीति समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा. इस दौरान उन्होंने चीन पर 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डेटा चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया और दावा किया कि FBI, CIA समेत अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कुछ अधिकारियों ने इससे जुड़ी अहम जानकारी छिपाई. ट्रंप ने चुनावी व्यवस्था में बड़े सुधारों की भी वकालत की.
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- ट्रंप ने दावा किया कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की समीक्षा में करीब 2.78 लाख गैर-अमेरिकी नागरिक संघीय चुनावों के लिए मतदाता के रूप में पंजीकृत पाए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई डेमोक्रेट शासित राज्यों ने अपने वोटर रिकॉर्ड साझा नहीं किए, इसलिए वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि विदेशी सरकारों के पास करोड़ों अमेरिकी मतदाताओं का डेटा पहुंच चुका है. उन्होंने दावा किया कि वोटिंग मशीनें और मतगणना प्रणाली हैकिंग व छेड़छाड़ के खतरे में हैं, जबकि चीन समेत कई देश अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
- ट्रंप ने आरोप लगाया कि वोटर सूची में गैर-नागरिकों और मृत लोगों के नाम अब भी सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अमेरिका में बिना वोटर आईडी, नागरिकता के प्रमाण और डाक के जरिए भेजे गए बड़ी संख्या में मतपत्रों के साथ चुनाव कराए जा रहे हैं.
ट्रंप ने कैलिफोर्निया के हालिया चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि 2 जून को हुए मतदान की मतगणना 10 जुलाई तक चली. उन्होंने इसे "तीसरी दुनिया के देशों से भी बदतर" बताते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.
- ट्रंप ने आरोप लगाया कि कुछ प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने उनके संबोधन का प्रसारण नहीं किया क्योंकि वे चुनावी व्यवस्था की कथित खामियों को सामने नहीं आने देना चाहते. उन्होंने दावा किया कि मीडिया का एक वर्ग चुनावी धांधली को छिपाने और "रैडिकल लेफ्ट" की रक्षा करने की कोशिश कर रहा है.
- ट्रंप ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करना जरूरी है और हर अमेरिकी, चाहे वह रिपब्लिकन हो, डेमोक्रेट हो या निर्दलीय, दुनिया की सबसे सुरक्षित और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था का हकदार है.
- ट्रंप ने चुनावी सुधारों की वकालत करते हुए कहा कि हर मतदाता के लिए अमेरिकी नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने डाक के जरिए होने वाली वोटिंग (मेल-इन बैलेट) को केवल बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य तैनाती या यात्रा जैसी विशेष परिस्थितियों तक सीमित करने की मांग की.
- ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे अपने सांसदों से संपर्क कर SAFE America Act को जल्द से जल्द पारित कराने की मांग करें. उन्होंने कहा कि इन सुधारों से चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा लौटेगा और अमेरिका पहले से अधिक मजबूत बनेगा.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि 2020 के चुनावी चक्र के दौरान चीन ने करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का संवेदनशील डेटा अवैध रूप से हासिल किया. उनके मुताबिक इस डेटा में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक पसंद समेत अन्य जानकारियां शामिल थीं. ट्रंप ने दावा किया कि यह अमेरिकी चुनावी सुरक्षा के इतिहास की सबसे बड़ी सेंध है और चीन ने इस डेटा के इस्तेमाल के लिए विशेष इकाई भी बनाई थी.
- ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कुछ अधिकारियों और तथाकथित "डीप स्टेट" ने चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप की जानकारी राष्ट्रपति, कांग्रेस और अमेरिकी जनता से छिपाई. उन्होंने कहा कि उन्हें रोज मिलने वाली राष्ट्रपति की खुफिया ब्रीफिंग से चीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें बाहर रखी गईं.
- ट्रंप ने कहा कि अधिकारियों ने लगातार 2020 के चुनाव को अमेरिका के इतिहास का सबसे सुरक्षित चुनाव बताया, जबकि उनके मुताबिक चुनावी सुरक्षा में बड़ी सेंध लग चुकी थी. उन्होंने दावा किया कि 18 राज्यों के करोड़ों मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन डेटा खरीदा, चुराया या हैक किया गया, लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
- ट्रंप ने CIA और FBI की कथित रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि चीन ने 2020 के चुनाव को प्रभावित करने और जो बाइडेन के पक्ष में फर्जी वैध मतपत्र तैयार कराने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि यह खुफिया जानकारी भी दबा दी गई. ट्रंप ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि चीन की सरकार ने उनके खिलाफ खबरें लिखने वाले अमेरिकी पत्रकारों को और अधिक नकारात्मक लेख लिखने के लिए पैसे देने की कोशिश की. उनके मुताबिक चीन चाहता था कि वह दोबारा राष्ट्रपति न बनें क्योंकि उनकी सरकार ने चीन पर भारी टैरिफ लगाए थे और उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया था.
- ट्रंप ने दावा किया कि FBI के एक अधिकारी ने खुद को "शैडो गवर्नमेंट" का हिस्सा बताते हुए चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने की बात कही थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बराक ओबामा प्रशासन के समय नष्ट किए जाने वाले कुछ दस्तावेज हाल ही में 'बर्न बैग्स' में मिले, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट नहीं किया गया था.
- ट्रंप ने कहा कि उन्होंने Office of the Director of National Intelligence (ODNI), न्याय विभाग (DOJ), FBI और CIA को निर्देश दिया है कि वे जांच करें कि चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी जानकारी क्यों छिपाई गई. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर आपराधिक मुकदमा भी चलाया जाएगा.
- ट्रंप ने दावा किया कि वर्षों तक अमेरिकी जनता से चुनावी व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर झूठ बोला गया. उनके मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें और मतगणना प्रणाली गंभीर साइबर खतरों के प्रति संवेदनशील हैं और सरकार के भीतर मौजूद अधिकारी इस बारे में पहले से जानते थे.
- ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन के अनुसार रूस, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और कुछ गैर-राज्य समूह अमेरिकी चुनावी ढांचे को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं. उनके मुताबिक मतदाता पंजीकरण डेटाबेस, पोल बुक और चुनावी वेबसाइटें सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं और इनका इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है.
- ट्रंप ने दावा किया कि CIA को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें वेनेजुएला के निकोलस मादुरो शासन से जुड़ी कथित चुनावी हेरफेर की तकनीकों का जिक्र था. उनके मुताबिक इन तरीकों से इलेक्ट्रॉनिक वोटों में ऐसी छेड़छाड़ की जा सकती है, जिसे गहन ऑडिट के बाद भी पकड़ना मुश्किल हो.
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- 'अमेरिका फिर पटरी पर लौट आया है': ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में पहले से कहीं ज्यादा निवेश हो रहा है. उनके मुताबिक रोजगार रिकॉर्ड स्तर पर है और महंगाई में छह साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की गई है. ट्रंप ने कहा कि उनके "Big Beautiful Bill" के तहत टिप्स, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी आय पर टैक्स राहत दी गई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में बनी कार खरीदने पर लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती और कारोबारों के लिए 100 फीसदी एक्सपेंसिंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं.
- ट्रंप ने कहा कि उनकी "Most Favored Nation" नीति के कारण प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें 70 से 90 फीसदी तक कम हुई हैं, जिससे हेल्थकेयर की लागत भी घटेगी. उन्होंने "Trump Accounts" का जिक्र करते हुए कहा कि हर अमेरिकी बच्चे के लिए टैक्स-फ्री निवेश खाते की सुविधा शुरू की गई है.
- ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सीमाएं अब देश के इतिहास में सबसे सुरक्षित हैं. उनके मुताबिक पिछले 14 महीनों में एक भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया.
अपराध में गिरावट का दावा: ट्रंप ने कहा कि पूरे देश में अपराध तेजी से घटा है और हत्या की दर 125 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.
- ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी सेना में रिकॉर्ड निवेश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत है, जिसकी नींव उनके पहले कार्यकाल में रखी गई थी.
- ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला अब अमेरिका के साथ मिलकर लाखों बैरल तेल के उत्पादन में सहयोग कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान में भी बड़ी सफलता हासिल कर रहा है और "बहुत जल्द दुनिया को हमारी कोशिशों के नतीजे देखने को मिलेंगे." हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस कार्रवाई की ओर था.
- ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव सुनिश्चित करना है. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनावी व्यवस्था इस कसौटी पर खरी नहीं उतरती और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत है.
- ट्रंप ने घोषणा की कि उनकी सरकार चुनावी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कथित गंभीर कमजोरियों का खुलासा करने वाले महत्वपूर्ण खुफिया दस्तावेजों को तत्काल डीक्लासिफाई कर रही है. उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों को व्हाइट हाउस की Government Transparency Task Force, President's Intelligence Advisory Board और शीर्ष अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने तैयार व सत्यापित किया है. ट्रंप ने कहा कि इन दस्तावेजों का उद्देश्य चुनावों पर भरोसा कमजोर करना नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी कमियों को उजागर कर उन्हें दूर करना है.
- ट्रंप ने कहा कि सार्वजनिक किए जा रहे दस्तावेज अमेरिकी चुनावी व्यवस्था से जुड़े पांच बड़े मुद्दों का खुलासा करते हैं और आने वाले हिस्सों में चुनावी सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर दावों का विवरण सामने रखा जाएगा.