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अमेरिका में दोषी ठहराए गए लोगों के लिए फिर खुल सकता है बंदूक रखने का रास्ता, अमेरिका प्रशासन का बड़ा फैसला

अमेरिका के न्याय विभाग ने एक नया नियम लागू किया है जिसके तहत आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए लोग अपने बंदूक रखने के अधिकार को वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने इसे सेकंड अमेंडमेंट अधिकारों की बहाली की दिशा में अहम कदम बताया है. 1992 से कांग्रेस ने एटीएफ को ऐसे आवेदनों पर काम करने से रोक रखा था, जिसे अब एक नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दूर किया जाएगा.

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अमेरिका में अब कुछ दोषियों को फिर मिल सकता है बंदूक रखने का अधिकार (File Photo: AP)
अमेरिका में अब कुछ दोषियों को फिर मिल सकता है बंदूक रखने का अधिकार (File Photo: AP)

अमेरिका के न्याय विभाग ने सोमवार को एक नया नियम लागू कर दिया है. इस नियम के तहत जिन लोगों को आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद बंदूक रखने के अधिकार से वंचित कर दिया गया था, वे अब अपने इस अधिकार को वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे. यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तरफ से हथियार संबंधी नियमों में ढील देने की दिशा में एक और बड़ा कदम है.

नए अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश के नेतृत्व में शुरू की गई यह प्रक्रिया दूसरे संशोधन यानी सेकंड अमेंडमेंट के समर्थकों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है. दरअसल लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि गैर हिंसक अपराधों में दोषी ठहराए गए लोगों को भी अपने बंदूक रखने के अधिकार को दोबारा पाने का मौका मिलना चाहिए.

अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने एक बयान में कहा कि सेकंड अमेंडमेंट कोई दूसरे दर्जे का अधिकार नहीं है और अमेरिकी सरकार को बिना यह देखे कि कोई व्यक्ति समाज के लिए खतरा है या नहीं, उसे इस संवैधानिक अधिकार से हमेशा के लिए वंचित नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था सार्वजनिक सुरक्षा का ध्यान रखते हुए योग्य अमेरिकी नागरिकों को अपने अधिकार वापस पाने का सही रास्ता देगी.

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यह भी पढ़ें: US Gun Culture: सेना से 100 गुना ज्यादा बंदूक लोगों के पास... अमेरिकी गन माफिया के आगे सरकार बेबस

गौरतलब है कि न्याय विभाग इस साल पहले भी कई बंदूक नियमों में बदलाव और ढील दे चुका है. इसके अलावा विभाग ने हाल ही में हथियारों के साइलेंसर और कुछ खास तरह की बंदूकों पर लगे नियमों को खारिज करने वाले एक अदालती फैसले को चुनौती न देने का भी फैसला लिया था.

अमेरिकी कानून के मुताबिक जिन लोगों के बंदूक रखने के अधिकार अपराधों की वजह से छीने गए हैं, वे सरकार से अपील कर सकते हैं. लेकिन 1992 से कांग्रेस ने संघीय एजेंसी एटीएफ को ऐसे आवेदनों पर काम करने से रोक रखा था. अब ट्रंप प्रशासन का यह नया नियम एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन की नई व्यवस्था शुरू करके इस रुकावट को दूर करने की कोशिश कर रहा है.

न्याय विभाग का कहना है कि हर मामले की अलग अलग समीक्षा की जाएगी. इसमें व्यक्ति के रिकॉर्ड और उसकी छवि को देखकर तय होगा कि वह समाज के लिए खतरा है या नहीं. अधिकारियों के मुताबिक हिंसक अपराधों के दोषी, रजिस्टर्ड यौन अपराधी, अवैध रूप से देश में रह रहे लोग और खतरा माने जाने वाले अन्य लोगों को असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर आवेदन खारिज कर दिया जाएगा.

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