scorecardresearch
 

बोल्सोनारो के बेटे ने लूला को हराया, ब्राजील में अब 25 अक्टूबर को रनऑफ मुकाबला

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो 47.2% वोट के साथ लूला से आगे हैं और अब दोनों 25 अक्टूबर के रनऑफ में भिड़ेंगे. नतीजों ने लूला के पहले दौर में जीत के दावे को झटका दिया है, जबकि विशेषज्ञ इसे दक्षिणपंथ की बढ़ती ताकत और बंटी हुई राजनीति का संकेत मान रहे हैं.

Advertisement
X
ब्राजील के चुनाव में जायर बोल्सोनारो के बेटे को 47% वोट मिले हैं. (Photo- AP-Reuters)
ब्राजील के चुनाव में जायर बोल्सोनारो के बेटे को 47% वोट मिले हैं. (Photo- AP-Reuters)

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. शुरुआती नतीजों में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा पर बढ़त बना ली है. 99 फीसदी से ज्यादा वोटों की गिनती के बाद फ्लावियो को 47.2 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि लूला के खाते में 45 फीसदी वोट हैं.

किसी भी उम्मीदवार को सीधे जीत के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिला है. इसके बाद देश की इलेक्टोरल कोर्ट ने ऐलान किया कि लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच अब 25 अक्टूबर को रनऑफ मुकाबला होगा. लूला ने नतीजे को अप्रत्याशित बताया और कहा कि उन्हें भरोसा था कि वह पहले ही राउंड में जीत जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगले दिन से एक नई कैंपेन शुरू होगी.

यह भी पढ़ें: कोलकाता की मछली पर फिदा ब्राजील, फुटबॉल के सितारों को भा गया बंगाल का स्वाद

फ्लावियो बोल्सोनारो ने कहा- ब्राजील को बदलाव चाहिए

45 साल के फ्लावियो बोल्सोनारो 2019 से रियो डी जेनेरियो के लिए लिबरल पार्टी के सीनेटर हैं. वह पूर्व राष्ट्र जायर बोल्सोनारो के बड़े बेटे हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कड़ी सुरक्षा नीति और टैक्स कटौती का मुद्दा उठाया. उन्होंने लूला सरकार पर महंगाई और ज्यादा टैक्स को लेकर निशाना साधा और कहा कि ब्राजील को बदलाव की जरूरत है.

Advertisement

फ्लावियो ने अपने पिता जायर बोल्सोनारो की दक्षिणपंथी राजनीति को आगे बढ़ाने की बात कही है. वह यह भी कह चुके हैं कि राष्ट्रपति बनने पर अपने पिता को माफ कर देंगे. जायर बोल्सोनारो 2022 में लूला से चुनाव हारने के बाद सत्ता पलटने की कोशिश के मामले में 27 साल की सजा काट रहे हैं.

लूला के सामने मजबूत हो रहा दक्षिणपंथ

80 साल के लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने सामाजिक कल्याण योजनाओं, सरकारी विकास और आय के पुनर्वितरण को अपने अभियान का अहम मुद्दा बनाया. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने दक्षिणपंथ को हराने की अपील की.

वहीं, ब्राजील की राजनीति में दक्षिणपंथी ताकत मजबूत होती दिख रही है. ओक्लाहोमा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फैबियो डी सा ई सिल्वा के मुताबिक, संसद में भी दक्षिणपंथ का प्रभाव बढ़ा है, जिससे लूला के लिए आगे सरकार चलाना मुश्किल हो सकता है.

यह भी पढ़ें: ताजमहल में बंदरों का खौफ... 83 साल के ब्राजील के टूरिस्ट को काटकर किया घायल

25 अक्टूबर को होगा आखिरी फैसला

अब ब्राजील की जनता 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे राउंड में वोट करेगी. मौजूदा नतीजों और चुनावी माहौल ने मुकाबले को बेहद कड़ा बना दिया है. एक तरफ लूला अपने चौथे कार्यकाल की कोशिश में हैं, तो दूसरी तरफ फ्लावियो अपने पिता की दक्षिणपंथी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement