पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है. हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि राज्य में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को तोड़फोड़ और पुलिस कर्मियों पर हमलों की घटनाओं के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी ने भी राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की, तो 'मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.'
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंसा करने वालों या कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: 'वोट और सरकार के बाद अब सीट चोरी', राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली TMC सरकार से स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनके प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा, 'हमारे सत्ता में आने के बाद कुछ घटनाएं हुई हैं, और हमने उनसे सख्ती से निपटा है. इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि इस तरह की अशांति, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे.'
कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, अगर ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा. तोड़-फोड़ और कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राज्य के कुछ हिस्सों में हालिया अशांति का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्क सर्कस और आसनसोल जैसे इलाकों में हुई कुछ घटनाओं को छोड़कर, जहां धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और अवैध इमारतों के खिलाफ बुलडोजर के इस्तेमाल को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कुल मिलाकर नियंत्रण में रही.
शुभेंदु अधुकारी ने कहा, हम मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में काम करेंगे. इतने कम समय में भी हमने कुछ काम पूरे कर लिए हैं. जनता को डबल-इंजन सरकार के फायदे दिखने लगे हैं, और आने वाले दिनों में ये फायदे और भी स्पष्ट होंगे.
उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में, हमने बीएसएफ को जमीन सौंपी है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है. उत्तर बंगाल में, विशेष रूप से 'चिकन नेक' कॉरिडोर से सटे इलाकों में फेंसिंग (बाड़ लगाने) का काम पहले ही शुरू हो चुका है.