कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 'वोट और सरकार' की चोरी करने के बाद, बीजेपी अब राज्यसभा चुनावों में 'सीटें चोरी' में भी शामिल थी. उनका कहना है कि सत्ताधारी दल और चुनाव आयोग के बीच की मिलीभगत ने चुनाव शुरू होने से पहले ही मुकाबले को खत्म कर दिया.
राहुल गांधी का यह हमला चुनाव आयोग द्वारा मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को खारिज करने के बाद आया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'वोट चोरी' और 'सरकार चोरी' के बाद, बीजेपी-चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने 'सीट चोरी' के साथ मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया है.
उन्होंने कहा, 'राज्यसभा चुनाव में जो हुआ उसे देखिए. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे. कोई मामला लंबित नहीं था. चुनाव आयोग ने बीजेपी की आपत्ति पर उनका नामांकन रद्द कर दिया.'
झारखंड से बीजेपी समर्थित निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नथवानी का उदाहरण देते हुए गांधी ने कहा कि उन्होंने फॉर्म में अपना नाम गलत भर दिया और कई अनिवार्य जानकारियों को छोड़ दिया, फिर भी चुनाव आयोग ने उन्हें सब कुछ ठीक करने के लिए समय दिया'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'एक ही चुनाव आयोग. दो उम्मीदवार. एक को बिना सुनवाई के ही अयोग्य घोषित कर दिया गया. दूसरे को नियमों का पालन न करने के बावजूद इनाम दिया गया'
राहुल गांधी ने कहा, 'जब कांग्रेस ने बैठक का अनुरोध किया, तो चुनाव आयोग ने पहले तो हमसे बचने की कोशिश की. जब आखिरकार हमारी मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा. आगे ऐसा ही कुछ देखने को मिल सकता है, क्योंकि बीजेपी के लिए चुनाव जीतने से कहीं ज़्यादा आसान उसे फिक्स करना है.'