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बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में 635 करोड़ की फिजूलखर्ची? CM शुभेंदु अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने टीएमसी शासनकाल में आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के खर्चों की जांच का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को समिट के आयोजन के लिए 635 करोड़ रुपये दिए गए थे.

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सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास खर्चों का पूरा ब्योरा मौजूद है. (File Photo- PTI)
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास खर्चों का पूरा ब्योरा मौजूद है. (File Photo- PTI)

पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के पिछले शासनकाल के दौरान आयोजित हुए 'बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट' (BGBS) के भारी-भरकम खर्चों की जांच कराने का फैसला किया है. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली ममता सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि इस बिजनेस समिट को कराने के नाम पर एक सिंगल इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को ₹635 करोड़ का भुगतान किया गया था.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कोलकाता स्थित विश्व बंगाल कन्वेंशन सेंटर में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि टीएमसी सरकार के समय आयोजित इस निवेश सम्मेलन में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा, 'जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.'

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास खर्चों का पूरा ब्योरा मौजूद है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के आयोजन के नाम पर एक ही इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 635 करोड़ रुपये दिए गए. उन्होंने कहा, 'हम केवल जांच ही नहीं करेंगे, बल्कि मामले दर्ज भी किए जाएंगे. जरूरत पड़ी तो वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली एजेंसियों को भी यह मामला सौंपा जाएगा. किसी को नहीं छोड़ा जाएगा.'

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मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों में पूर्व मंत्रियों और टीएमसी नेताओं पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों ने उनके हालात देख लिए हैं. जहांगीर खान को भाजपा सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार समेत अन्य मामलों में गिरफ्तार किया गया था.

2015 में शुरू हुई थी बिजनेस समिट

बता दें कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट की शुरुआत 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर हुई थी. इसका उद्देश्य राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना था. समिट के विभिन्न संस्करणों में देश-विदेश के उद्योगपति, राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल होते रहे हैं. पूर्व टीएमसी सरकार का दावा रहा कि इस सम्मेलन के दौरान लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिससे पश्चिम बंगाल निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा. जबकि भाजपा, लंबे समय से यह सवाल उठाती रही है कि सम्मेलन में घोषित निवेश समझौते और प्रस्ताव वास्तव में जमीन पर कितने लागू हुए.

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