TMC के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आयोग द्वारा पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने को अंतरिम फैसला बताया है. उनका कहना है कि यह अंतरिम आदेश है और आगे जरूर इस विवाद का समाधान निकलेगा.
कोई भी पार्टी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं: ऋतब्रत
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम नहीं कर सकता है. उनका कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में फासीवाद के लिए कोई जगह नहीं है.
उन्होंने साफ कहा है कि उनका गुट चुनाव आयोग के फैसले का सम्मान करेगा. उन्होंने बताया कि 23 जून से ही चुनाव आयोग को दस्तावेज किए जा रहे हैं और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आयोग ने चुनाव चिह्न को फिलहाल फ्रीज किया गया है.
चुनाव आयोग के फैसले का सम्मान करेंगे: ऋतब्रत
उन्होंने साफ कहा है कि वे चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल नहीं उठाएंगे और वे आयोग के फैसले का पालन करेंगे. ऋतब्रत ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में वंशवादी राजनीति के लिए जगह नहीं है. इसके साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि आगे आने वाले समय में मौजूदा विवाद का समाधान निकलेगा.
यह भी पढ़ें: TMC का नाम-सिंबल फ्रीज, ममता और ऋतब्रत गुट को झटका... EC ने मांगे तीन-तीन ऑप्शन
ऋतब्रत ने बताया कि चंद्रिमा भट्टाचार्य और वे आज एक बैठक करेंगे और बैठक के बाद सुबह 11 बजे तक आयोग को पार्टी के नए नाम और चुनाव चिह्न की जानकारी देंगे. उनका कहना है कि आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा जिसमें इस मामले में कुछ पत्रकारों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी.
बता दें, TMC के नाम और सिंबल के मुद्दे पर गुरुवार को चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश देते हुए ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों को आगामी विधानसभा उपचुनाव में टीएमसी के नाम और पार्टी के मौजूदा चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया है.
आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों को आगामी विधानस आयोग ने दोनों गुटों से 18 सितंबर तक अपने-अपने गुटों के लिए तीन-तीन नाम और चुनाव आयोग की फ्री सिंबल लिस्ट से तीन-तीन चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा है. यह व्यवस्था फिलहाल उपचुनाव के लिए लागू होगी. पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है.