हुमायूं कबीर ने बेलडांगा में नई बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था. इसे लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को सख्त चेतावनी दी है. सीएम ने कहा है कि हुमायूं बाबर के नाम पर कोई मस्जिद न बनाए.
हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को नई बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की थी. इस दौरान उन्होंने प्रशासन को नेशनल हाईवे- 34 जाम करने की धमकी भी दी थी. इसे लेकर सीएम शुभेंदु ने कहा है कि अगर हुमायूं ने ऐसा किया तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा.
मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर से अपील करते हुए कहा कि बाबर के नाम पर मस्जिद मत बनाइए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर बाबर के नाम पर मस्जिद बनाएंगे तो ना प्लान पास होगा और ना उसे बनाने की इजाजत दी जाएगी.'
इसके साथ ही उन्होंने 6 दिसंबर को लेकर हुमायूं कबीर की सड़क जाम करने की योजना पर भी सख्त रुख अपनाया. CM शुभेंदु ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की कोशिश की तो इसका परिणाम भुगतना होगा.
डायमंड हार्बर कैश रिकवरी पर TMC पर हमला
वहीं, डायमंड हार्बर में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय से 1.02 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी मिलने के मामले पर भी मुख्यमंत्री ने हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का राजस्व सरकारी खजाने में जाने के बजाय TMC के पार्टी कार्यालयों में भेजा जा रहा था. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पुलिस को इस बारे में सबूत मिल चुके हैं और सही समय आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राजस्व आंकड़ों के जरिए घेरा
वित्तीय आंकड़ों को पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2024 के बीच राज्य का राजस्व संग्रह 37,281 करोड़ रुपये रहा- जो कि सामान्य संग्रह से लगभग 4,000 करोड़ रुपये ज्यादा है. उन्होंने सवाल उठाया, 'राज्य में पत्थर या रेत की कोई नई खदान नीलाम नहीं की गई है, फिर भी ये अतिरिक्त राजस्व कैसे जमा हो गया?'
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उन्होंने आगे कहा, 'अगर सिर्फ छह महीने में इतनी रकम जमा हुई है, तो पूरे 12 महीनों में ये अतिरिक्त राशि 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी. इस हिसाब से, पिछले साल भी लगभग 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई थी. लेकिन ये पैसा कहां गया? ये उस व्यक्ति और उसके साथियों के पास गया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के लिए वसूली करने का काम सौंपा गया था. ये चोरी किया गया राजस्व विदेश भेज दिया गया है.'