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'यही उनके कर्मों का फल है...' अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर बोलीं बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले को लेकर बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस हमले को अभिषेक के कर्मों का फल बताया. आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने ममता पर उनकी बेटी के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया.

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रत्ना देबनाथ ने अभिषेक बनर्जी पर अंडा फेंकने वालों को शुक्रिया कहा. (Photo- PTI)
रत्ना देबनाथ ने अभिषेक बनर्जी पर अंडा फेंकने वालों को शुक्रिया कहा. (Photo- PTI)

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मचा है. अब इस मामले पर बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को उनके 'कर्मों का फल' बताया.

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए बीजेपी विधायक और आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने वालों का शुक्रिया तक अदा किया.

रत्ना देबनाथ ने कहा, हर किसी को अपने कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है.अगर तृणमूल कांग्रेस इस बार जीत जाती तो क्या वो हमें बंगाली बनकर रहने देते? तब इस राज्य में खून-खराबे का कोई अंत नहीं होता.

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर रत्ना देबनाथ ने कहा, 'मैं सोनारपुर के लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी की त्वचा और बालों की देखभाल करने और (अंडे फेंककर) उन्हें रेशमी बनाने की पहल की.'

'नबन्ना की डायमंड क्वीन को सत्ता से नीचे...'

रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर अपना व्यक्तिगत दर्द और गुस्सा भी जाहिर किया. उन्होंने कहा कि इन दोनों बुआ-भतीजे ने उनसे उनका सब कुछ छीन लिया है. 

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अपनी बेटी को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं नहीं जानती कि मेरी बेटी की आत्मा को कितनी शांति मिलेगी, क्योंकि मेरी बेटी का कोई भी सपना सच नहीं हो पाया. लेकिन मुझे इस बात की थोड़ी राहत जरूर है कि मैं नबन्ना की डायमंड क्वीन (ममता बनर्जी) को सत्ता से नीचे ला पाई हूं. मैंने जो कहा था कि मैं उनके बाल पकड़कर उन्हें नीचे लाऊंगी, मैं उस लक्ष्य की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हूं.'

'ममता बनर्जी के आदेश पर छिपाई गई सच्चाई'

उन्होंने तत्कालीन व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए. देबनाथ ने कहा कि जब उनकी बेटी पर जुल्म हुआ, तब ममता बनर्जी ही राज्य की स्वास्थ्य मंत्री थीं और वो हमेशा अपराधियों को छिपाने का काम करती रही हैं. 

उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी ने खुद कहा था कि उन्होंने रात 2 बजे तक तत्कालीन पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल से मिनट-टू-मिनट बात की थी. हमारे तत्कालीन पानीहाटी टीएमसी विधायक निर्मल घोष, पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी और वर्तमान चेयरमैन सोमनाथ डे ने मेरी बेटी के शव को रखने तक नहीं दिया था. ऐसा कभी नहीं देखा गया होगा कि शव घर पर हो और माता-पिता अदालत में बैठे हों. ये सब कुछ ममता बनर्जी के आदेश पर ही हुआ था.'

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रत्ना देबनाथ ने आखिर में कहा कि हर किसी को अपने पापों का प्रायश्चित करना ही होगा. उनकी बेटी या उनके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है. वो न्याय के रास्ते पर खड़ी रहेंगी और इस पूरे भ्रष्टाचार को सबके सामने लाकर रहेंगी.

(इनपुट- दीपक देबनाथ)

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