रत्ना देबनाथ (Ratna Debnath) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और सामाजिक रूप से सक्रिय महिला हैं. वह हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक मजबूत और भावनात्मक पहचान बनाकर उभरी हैं. उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पानीहाटी सीट से उम्मीदवार बनाया था. नामांकन दाखिल करते समय उन्हें कुछ विरोध का भी सामना करना पड़ा और कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की.
रत्ना देबनाथ सबसे पहले तब चर्चा में आईं, जब 2024 में कोलकाता के R.G. Kar Medical College and Hospital में हुई एक दर्दनाक घटना में उनकी इकलौती बेटी की ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद पूरे राज्य में डॉक्टरों और आम लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग उठी. रत्ना देबनाथ और उनके परिवार ने जांच से असंतोष जताया और कहा कि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला.
इस घटना ने रत्ना देबनाथ को अंदर से झकझोर दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 2025 में उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया ताकि वे अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई को और मजबूत तरीके से लड़ सकें. इसके बाद भाजपा ने उन्हें चुनाव का टिकट दिया.
अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले को लेकर बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस हमले को अभिषेक के कर्मों का फल बताया. आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने ममता पर उनकी बेटी के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया.
पनिहाटी सीट से बीजेपी के रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28,836 वोटों से हरा दिया. इस चुनाव में पनिहाटी सीट पर भी सबकी नजरें टिकी रहीं, जहां आरजीकर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ चुनाव मैदान में थीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानिहाटी में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि टीएमसी की हार तय है और पार्टी के गुंडों को कोई नहीं बचा पाएगा. उन्होंने बेटियों की सुरक्षा और न्याय की बात करते हुए बीजेपी सरकार बनने पर अन्याय की फाइलें दोबारा खोलने का वादा किया.