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प्रेगनेंसी की खबर देते ही मकान मालिक ने बढ़ा दिया रेंट, कोर्ट पहुंचा कपल

सैन फ्रांसिस्को में संपत्तियों की बढ़ती कीमतें और घरों की भारी मांग है. यही वजह है कि कुछ मकान मालिक कानूनी रूप से बेदखल करने की लंबी प्रक्रिया के बजाय, किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी करके किराएदारों को खुद जाने पर मजबूर कर देते हैं.

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मकान मालिक ने एक झटके में बढ़ाया ₹8.3 लाख किराया! (Photo-Pexels)
मकान मालिक ने एक झटके में बढ़ाया ₹8.3 लाख किराया! (Photo-Pexels)

सैन फ्रांसिस्को के एक कपल ने अपने मकान मालिक के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है, उनका आरोप है कि मकान मालिक ने उनके घर का किराया करीब 71% तक बढ़ा दिया. सबा और गोकसाल ओनी नाम के इस कपल का दावा है कि महीने के किराए में की गई 10,000 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) की यह भारी-भरकम बढ़ोतरी सिर्फ इसलिए की गई ताकि उन्हें मरीना स्थित अपना घर छोड़ने पर मजबूर किया जा सके.

इस जोड़े ने 'सैन फ्रांसिस्को स्टैंडर्ड' को बताया कि वे 'एविला स्ट्रीट' पर स्थित अपने तीन बेडरूम और तीन बाथरूम वाले घर की लीज रिन्यू कराने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने मकान मालिक को यह जानकारी दी कि उनके घर दूसरा बच्चा आने वाला है. महिला का दावा है कि उसने मकान मालिक को भेजे एक टेक्स्ट मैसेज में लिखा था, “हमारे पास आपके साथ साझा करने के लिए एक बेहद खूबसूरत खबर है, हमारे घर नवंबर में दूसरा बच्चा आने वाला है. '

ओनी परिवार करीब 10 महीने पहले ही इस घर में शिफ्ट हुआ था और वे अपनी नन्हीं बेटी के स्वागत के लिए इसी घर में रहना चाहते थे. 42 वर्षीय सबा एक बायोटेक स्टार्टअप की सीईओ हैं, जबकि 36 साल के गोकसाल नौकरी करने के साथ-साथ फैमिली एंड मैरिज थेरेपी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं.

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खुशखबरी के बाद मिला 'रेंट शॉक'

अगस्त में जैसे ही सबा ने मकान मालिक को अपने दूसरे बच्चे की खबर दी, मकान मालिक ने शुरुआत में उन्हें बधाई दी और कहा कि उनका फिलहाल सैन फ्रांसिस्को लौटने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि वे इस प्रॉपर्टी को बेचने पर विचार कर रहे हैं. कुछ ही घंटों बाद बातचीत का रुख पूरी तरह बदल गया. मकान मालिक ने घर बेचने की बात की. 

इसके कुछ हफ्ते बाद किराएदारों को नए किराए का एक प्रस्ताव मिला. इसमें कहा गया कि अगर वे एक साल और रुकना चाहते हैं, तो मासिक किराया 14,000 डॉलर से बढ़ाकर 24,000 डॉलर कर दिया जाएगा. मकान मालिकों ने जनवरी तक रुकने के लिए 18,000 डॉलर प्रति माह का एक अस्थायी विकल्प भी दिया.

किराए में इस अचानक और भारी बढ़ोतरी से ओनी परिवार दंग रह गया. कपल ने अपने तीन साल के बेटे का एडमिशन पास के ही एक प्लेस्कूल में करा दिया था और महीनों लगाकर घर को सजाया था. उन्होंने बताया कि किराए की इस मनमानी बढ़ोतरी के कारण उन्हें अपनी बेटी के जन्म से महज कुछ हफ्ते पहले नया घर ढूंढने के लिए मजबूर होना पड़ा. आखिरकार उन्होंने पास में ही एक दूसरा घर खरीद लिया, लेकिन वह आकार में छोटा था और इसके कारण उन्हें उस फर्नीचर को भी बेचना पड़ा जो उन्होंने एविला स्ट्रीट वाले घर के लिए खरीदा था.

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कपल ने मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दायर किया. याचिका में आरोप लगाया गया कि मकान मालिकों का इरादा कभी भी बढ़ा हुआ किराया वसूलने का था ही नहीं. बल्कि, उन्होंने किराए की बढ़ोतरी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया ताकि परिवार को घर से निकाला जा सके और बिना किराएदारों के प्रॉपर्टी को आसानी से बेचा जा सके. उनके वकील  ने कहा कि उनकी फर्म के पास अब ऐसे मामले बहुत आ रहे हैं, जहां मकान मालिक किराएदारों को निकालने के लिए भारी किराया बढ़ा देते हैं. 

किराएदारों का कहना है कि मकान मालिक कानूनी बेदखली के खर्च से बचने के लिए इस हथकंडे का इस्तेमाल करते हैं.

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