पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग कार्यक्रम के लिए कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड को ब्लॉक किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बंगाल में सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश है.
मुर्शिदाबाद में मीडिया से बात करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ईद के मौके पर वर्षों से रेड रोड पर नमाज अदा की जाती रही है. इससे न तो हिंदुओं को कोई आपत्ति थी और न ही मुसलमानों को. ईद साल में केवल एक बार आती है और नमाज भी करीब एक घंटे तक ही होती है. लेकिन यह तर्क दिया गया कि सड़क बंद होने से आम लोगों को परेशानी होती है, इसलिए नमाज को रेड रोड से हटाकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर ब्रिगेड मैदान मुसलमानों के लिए तय किया गया, तो प्रधानमंत्री मोदी के योग कार्यक्रम के लिए रेड रोड क्यों बंद की जा रही है? किस अधिकार से ऐसा किया जा रहा है?'
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि उस समय सरकार का तर्क था कि सड़क बंद होने से यात्रियों को परेशानी होती है, तो क्या अब लोगों को योग कार्यक्रम के कारण होने वाली असुविधा स्वीकार है? उन्होंने कहा कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार यह बता सकती है कि रेड रोड पर ट्रैफिक रोकने से राज्य के लोगों को कोई विशेष लाभ मिलने वाला है?
उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान कभी संकीर्ण सोच वाली नहीं रही. इस राज्य को सांप्रदायिक और संकीर्ण राजनीति के माहौल से प्रदूषित नहीं किया जाना चाहिए.
केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार देश की सभी क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़कर अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'देश की सत्तारूढ़ पार्टी सभी क्षेत्रीय दलों को तोड़कर अपने साथ लाना चाहती है, क्योंकि उन्हें संसद में दो-तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने हैं. हम यह अच्छी तरह जानते हैं.'