शादी के बाद हर घर में नई जिंदगी की शुरुआत होती है. रिश्तेदारों की हंसी-खुशी, घर में रौनक और नवदंपति के भविष्य को लेकर सपने... लेकिन सिद्धार्थनगर के जनियाजोत गांव में एक प्रेम कहानी का अंत ऐसी घटना में हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. देशराज चौहान और अनिता चौहान लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे. दोनों के रिश्ते को परिवार की सहमति भी मिल चुकी थी. शादी की तारीख तय थी, तैयारियां चल रही थीं और फिर देशराज के गांव लौटते ही अनिता करीब 15 दिन पहले ही उसकी ससुराल पहुंच गई.
सोमवार को दोनों ने मंदिर में सात फेरे लिए. घर में शादी की खुशियां मनाई गईं. रिश्तेदारों ने साथ बैठकर खाना खाया और रात में सभी सोने चले गए. लेकिन अगली सुबह जब दूल्हा-दुल्हन को जगाने के लिए कमरे का दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. देशराज फंदे से लटका मिला, जबकि अनिता बिस्तर पर मृत पड़ी थी. अब इस पूरे मामले में प्रेम कहानी से लेकर शादी तक की कई कड़ियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं. सबसे बड़ा सवाल कमरे के दरवाजे को लेकर है, जो सुबह अंदर से बंद नहीं मिला. हालांकि पुलिस ने अभी घटना की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
तीन महीने पहले तय हुई थी शादी
जनियाजोत गांव निवासी 21 वर्षीय देशराज चौहान का जोगिया थाना क्षेत्र के कड़जहवा गांव की रहने वाली अनिता से प्रेम संबंध था. दोनों एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे. जब दोनों परिवारों को उनके रिश्ते की जानकारी हुई तो परिवारों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया. करीब तीन महीने पहले दोनों की शादी तय कर दी गई थी. परिवारों की ओर से शादी की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं. दुल्हन पक्ष के मुताबिक, शादी को लेकर घर में सामान जुटाया जा रहा था. बेड का बयाना दिया जा चुका था और शादी में इस्तेमाल होने वाले बर्तन भी खरीदे गए थे. परिजनों के मुताबिक, उस समय शादी करीब चार महीने बाद करने की बात चल रही थी. दोनों परिवार अपनी-अपनी तैयारियों में लगे थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रिश्ता इतनी जल्दी ऐसी त्रासदी में बदल जाएगा.
मुंबई से गांव लौटा था देशराज
देशराज काम के सिलसिले में मुंबई में रहता था. वह वहां भंगार का काम करता था. शादी तय होने के बाद वह करीब 20 दिन पहले मुंबई से अपने गांव लौट आया था. देशराज के गांव लौटने की जानकारी जब अनिता को हुई तो वह करीब 15 दिन पहले ही उसके घर पहुंच गई. इसके बाद वह वहीं रहने लगी. परिवार के लोग भी इस रिश्ते से परिचित थे और शादी की तैयारियां चल रही थीं. यानी जिस शादी के लिए दोनों परिवार कई सप्ताह से तैयारी कर रहे थे, उससे पहले ही दुल्हन बनने वाली अनिता अपने होने वाले पति के घर आ गई थी. परिवार के मुताबिक, दोनों के बीच किसी तरह के विवाद की जानकारी नहीं थी. अनिता की बहन ने बताया कि शादी से पहले देशराज ने बीमारी की बात कही थी. परिवार के अनुसार, उसने बुखार होने और इलाज चलने की बात कही थी. अनिता के मायके वालों ने उसे अपने यहां आकर इलाज कराने के लिए भी कहा था. बहन के मुताबिक, देशराज ने गोरखपुर से दवा चलने की बात कही थी और बाद में आने की बात कही थी. परिवार को बताया गया था कि उसे टाइफाइड बुखार है. हालांकि, इस बीमारी और दोनों की मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. पुलिस ने भी इसे घटना की वजह नहीं बताया है. यह पहलू केवल परिजनों द्वारा बताई गई जानकारी का हिस्सा है.
फिर आया शादी का दिन
दोनों परिवारों की सहमति से आखिरकार सोमवार को बांसी स्थित टेकधर मंदिर में देशराज और अनिता का विवाह कराया गया. मंदिर में दोनों ने शादी की रस्में पूरी कीं. शादी के बाद दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था. रिश्तेदार घर पहुंचे. भोजन का इंतजाम हुआ. दिनभर शादी की हलचल के बाद रात में सभी लोग सोने चले गए. दूल्हा-दुल्हन भी अपने कमरे में चले गए. परिवार के कई लोग गर्मी की वजह से छत पर सो रहे थे. घर में शादी के बाद की सामान्य हलचल थी. किसी ने नहीं सोचा था कि सुबह यह घर मातम में बदल जाएगा.
सुबह मौसी ने आवाज दी, नहीं मिला जवाब
दूल्हे की मौसी मीनाक्षी के मुताबिक, सुबह काफी देर होने के बाद वह दूल्हा-दुल्हन को जगाने के लिए कमरे की ओर गईं. उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया. उन्होंने दरवाजे को हल्का सा धक्का दिया. दरवाजा खुल गया. इसके बाद कमरे के अंदर का दृश्य देखकर वह घबरा गईं. देशराज छत की कुंडी में साड़ी के फंदे से लटका हुआ था, जबकि अनिता पास ही बिस्तर पर मृत पड़ी थी. मौसी के शोर मचाने के बाद घर के लोग और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. कुछ ही देर में परिवार में चीख-पुकार मच गई.
'दरवाजा अंदर से बंद नहीं था', अब यही सबसे बड़ा सवाल
इस मामले में कमरे का दरवाजा जांच का अहम हिस्सा बन गया है. दूल्हे की मौसी का कहना है कि सुबह दरवाजा अंदर से बंद नहीं था. उन्होंने आवाज देने के बाद दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया. दुल्हन की बहन ने भी इसी बात को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब घटना की जानकारी मिली तो यह समझना मुश्किल था कि आखिर कमरे के अंदर क्या हुआ. उन्होंने कहा कि अगर दोनों के बीच किसी तरह का विवाद हुआ होता तो उसकी आवाज आसपास के लोगों तक पहुंच सकती थी. परिवार के लोग भी रात में किसी झगड़े या शोर की बात से इनकार कर रहे हैं. हालांकि, दरवाजा अंदर से बंद न होना अपने आप में घटना की वजह या किसी दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी साबित नहीं करता. पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि की जानी बाकी है कि रात में कमरे की स्थिति क्या थी और दरवाजा किस परिस्थिति में खुला रह गया.
शादी से पहले कोई दबाव था?
अनिता की बहन का कहना है कि दोनों की शादी परिवारों की सहमति से हुई थी. उनके मुताबिक, किसी तरह के दबाव की जानकारी उन्हें नहीं थी. परिवार की तरफ से बताया गया कि दोनों एक-दूसरे को चाहते थे और उनकी शादी पर दोनों पक्ष सहमत थे. ऐसे में शादी के कुछ ही घंटे बाद दोनों की मौत ने मायके और ससुराल दोनों पक्षों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. दूल्हे की मौसी ने बताया कि शादी के बाद रात में खाना खाने के बाद लोग सो गए थे. बर्तन तक सुबह के लिए रखे हुए थे. परिवार के कई सदस्य छत पर सो रहे थे. उनके मुताबिक, रात में उन्हें किसी तरह की आवाज या झगड़े की जानकारी नहीं हुई. जब सुबह दोनों को जगाने के लिए आवाज लगाई गई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. यही वजह है कि परिवार के लोग भी घटना को लेकर हैरान हैं. शादी की रात दोनों के कमरे में जाने के बाद सुबह तक ऐसा क्या हुआ, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.
अब जरा पुलिस की सुनिए
घटना की सूचना मिलते ही बांसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए. बांसी क्षेत्र के सीओ शुबेन्दु सिंह के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच जनियाजोत गांव से दंपति की मौत की सूचना मिली थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. सीओ के अनुसार, परिवार से पूछताछ की गई, लेकिन घटना की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.