
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में स्थित साईं जीवनदान अस्पताल के संचालक पर दलित नर्स का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का गंभीर आरोप लगा है. सैदनगली के उझारी निवासी पीड़ित परिवार ने जब अस्पताल के बाहर धरना दिया, तब पुलिस ने आरोपी संचालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया. पीड़ित युवती अस्पताल में काम करती थी और उसका विवाह तय हो गया था. विवाह की खबर मिलते ही आरोपी संचालक ने पहले लड़के वालों को भड़काया और फिर युवती को लेकर फरार हो गया. पुलिस अब गायब लड़की की तलाश में जुटी है.
पहचान छिपाकर अस्पताल संचालन और धमकी के आरोप
हैरानी की बात यह है कि धर्म विशेष के संचालक ने अपनी पहचान छिपाकर साईं जीवनदान अस्पताल का संचालन कर रखा है. परिजनों का आरोप है कि जब वे बेटी की जानकारी लेने पहुंचे, तो स्टाफ ने पिता को धमकी दी और गाली-गलौज की. उन्होंने कहा कि 'चला जा नहीं तो तुझे भी यहीं कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बना देंगे.' परिजनों ने अस्पताल पर लव जाल और गौकशी का अड्डा होने का आरोप लगाया है.

एससी-एसटी एक्ट और गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपी संचालक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और जातिसूचक शब्द कहे जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. एफआईआर की कॉपी में धर्म परिवर्तन और गौकशी जैसे शब्दों का उल्लेख किया गया है. परिजन अपनी गायब बेटी को संचालक के चंगुल से बचाने की मांग कर रहे हैं.
अमरोहा में मेडिकल तंत्र और पुलिस की कार्रवाई
इस प्रकरण ने अमरोहा में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अस्पतालों की पोल खोल दी है. जिले में धर्म विशेष के कई लोग अस्पताल और क्लीनिक संचालित कर रहे हैं. पुलिस ने गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर फरार संचालक और गायब युवती की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया है.