वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के सरसौली चांदमारी इलाके में मैगी नहीं मिलने से नाराज युवकों द्वारा रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और कार में आग लगाने का मामला सामने आया है. घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है. रेस्टोरेंट संचालक की शिकायत पर पुलिस ने 9 नामजद आरोपियों समेत 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है.
आरोपियों ने हर महीने 5 हजार रंगदारी भी मांगी
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक 12-13 अगस्त की रात करीब 12 बजे कुछ युवक शराब के नशे में रेस्टोरेंट पहुंचे थे. उस समय रेस्टोरेंट बंद था और संचालक आदित्य सोनकर अपने ममेरे भाई के साथ सो रहे थे. आरोप है कि युवकों ने उन्हें जगाकर मैगी मांगी. मैगी देने से मना करने पर आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए संचालक और उनके ममेरे भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी.
आरोप है कि हमलावर अपने साथ हॉकी, डंडे और रॉड लेकर आए थे. उन्होंने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की और सामान क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके बाद नीचे खड़ी रेस्टोरेंट संचालक के परिजन की मारुति स्विफ्ट कार के शीशे भी लाठी-डंडों से तोड़ दिए. पड़ोसी दुकान के साइन बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त करने का आरोप है.
तहरीर में रेस्टोरेंट संचालक ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की और हर महीने 5 हजार रुपये रंगदारी देने की मांग की. शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर इलाके में कैफे नहीं चलाने दिया जाएगा.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इसके बाद 15 अगस्त की देर रात करीब 3 बजे आरोपियों के दोबारा रेस्टोरेंट पहुंचने का आरोप है. शिकायतकर्ता के मुताबिक इस दौरान हमलावरों ने उनके चचेरे भाई गोविंद कुमार सोनकर की कार पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. पास में लगे ट्रांसफॉर्मर के कुछ विद्युत उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप है. हमलावरों ने पुलिस में शिकायत करने पर परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी.
रेस्टोरेंट संचालक का दावा है कि पूरी घटना CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है. कैंट थाना पुलिस ने अभिषेक रघुवंशी उर्फ पंतु, सन्नी सिंह, आदित्य रघुवंशी, शशिभूषण उपाध्याय उर्फ चूंडी, अभिजीत ओझा, अंशुमान सिंह, अरुण सिंह और शाश्वत पांडेय समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है. फिलहाल पुलिस ने मामले में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है.