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भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर प्रदेश, 44 के पार पहुंचा पारा, स्कूलों के समय में भी बदलाव

अप्रैल में ही उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान और लू के हालात ने आम जिंदगी को प्रभावित कर दिया है. सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जिससे उन्हें तेज धूप और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके. मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल राहत की उम्मीद कम है.

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बांदा सबसे ज्यादा तपता रहा, जहां पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. (Photo-PTI)
बांदा सबसे ज्यादा तपता रहा, जहां पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. (Photo-PTI)

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां अप्रैल के महीने में ही तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. तेज धूप, लू और शुष्क हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल राहत के कोई आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है.

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा सुल्तानपुर में 43.4 डिग्री, प्रयागराज में 43.2 डिग्री, जबकि झांसी और हरदोई में 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी लखनऊ में भी गर्मी का असर साफ दिखा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही.

प्रदेश में शुष्क मौसम और कम आर्द्रता के कारण गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कुछ हिस्सों में लू चलने की पूरी संभावना है, खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.

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इसी बीच, भीषण गर्मी का असर स्कूली बच्चों पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव कर दिया गया है. नए आदेश के अनुसार, अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही चलेंगे, ताकि बच्चों को तपती दोपहर और लू से बचाया जा सके.

स्कूलों की नई दिनचर्या के तहत सुबह 7:30 से 7:40 बजे के बीच प्रार्थना और योगाभ्यास कराया जाएगा. इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी. बच्चों के लिए लंच ब्रेक सुबह 10:00 बजे से 10:15 बजे के बीच निर्धारित किया गया है. वहीं, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में रहकर शैक्षणिक कार्य पूरे करने होंगे.

डायरेक्टर, बेसिक शिक्षा की ओर से यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. यह फैसला साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार गर्मी की गंभीरता को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है.

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