उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए सवाल खड़े किए थे. अब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजतक से बातचीत में घटना को गंभीर बताया है. उन्होंने कहा कि यह आपराधिक कृत्य है इसलिए FIR दर्ज कराई गई. उन्होंने बताया कि मामले में SDM रैंक के दो अफसरों को सस्पेंड किया गया है और विभागीय कार्रवाई करने की बात की गई है.
SDM रैंक के दो अफसरों को सस्पेंड किया गया है. इनमें पूरनपुर के पूर्व SDM मयंक गोस्वामी और अमरिया के पूर्व SDM हेमंत चौधरी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साफ कहा कि अगर भविष्य में पीलीभीत जैसी घटनाएं सामने आई तो जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी और कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि पीलीभीत की घटना के बाद सभी जिलों से 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी गई.
आज शाम पांच बजे जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक होगी. निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी कि आगे इस तरह की गड़बड़ियां सामने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
MLC चुनाव में गड़बड़ी को लेकर भी मांगी गई रिपोर्ट
इसके अलावा, MLC चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में करीब 14 लाख 80 हजार मतदाताओं में से 158 नामों में गड़बड़ी की जानकारी मिली है. इस मामले में जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट मंडल आयुक्त तैयार करवाते हैं, जो निर्वाचन अधिकारी होते हैं. जबकि जिलाधिकारी सहायक निर्वाचन अधिकारी की भूमिका निभाते हैं. इस मामले में मंडल आयुक्त से भी रिपोर्ट मांगी गई है. उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी.
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वहीं, आगरा के MLC चुनाव के दौरान गड़बड़ी की शिकायत पर तीन बूथों पर दोबारा मतदान कराने की संस्तुति केंद्रीय चुनाव आयोग से की गई है. नवदीप रिणवा ने यह भी बताया कि आज उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.