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एक साल बाद चीन पहुंचे किम जोंग उन, नए पुल से पार की सीमा, रूस से बढ़ती नजदीकियों के बीच अहम दौरा

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने करीब एक साल बाद चीन का दौरा किया है. उन्होंने हाल ही में खुले नए यालू रिवर ब्रिज के जरिए सीमा पार की. यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया रूस के साथ संबंधों के बाद चीन के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

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किम जोंग उन ने नए पुल यानी यालू रिवर ब्रिज के जरिए सीमा पार की है. (File photo: ITG)
किम जोंग उन ने नए पुल यानी यालू रिवर ब्रिज के जरिए सीमा पार की है. (File photo: ITG)

उत्तर कोरिया तानाशाह किम जोंग उन करीब एक साल बाद चीन पहुंचे हैं. दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने सरकारी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन ने दोनों देशों के बीच हाल ही में खोले गए नए पुल के जरिए चीन में प्रवेश किया. हालांकि, चीन और उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने अभी तक इस दौरे की पुष्टि नहीं की है.

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के चीन पहुंचने की खबर सामने आई है. दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप (Yonhap) ने एक अज्ञात सरकारी सूत्र के हवाले से बताया कि किम जोंग उन दोनों देशों की सीमा पार करके चीन के सीमावर्ती शहर डांडोंग पहुंचे हैं. पिछले एक साल में यह उनकी पहली चीन यात्रा बताई जा रही है. योनहाप की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन ने चीन और उत्तर कोरिया को जोड़ने वाले न्यू यालू रिवर ब्रिज (New Yalu River Bridge) के जरिए सीमा पार की. यह पुल एक दशक से ज्यादा की देरी के बाद इसी महीने खोला गया है.

दक्षिण कोरिया ने अभी नहीं की पुष्टि

किम जोंग उन की चीन यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय और दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंधों से जुड़े मामलों को देखने वाले एकीकरण मंत्रालय ने योनहाप की रिपोर्ट की तत्काल पुष्टि नहीं की. वहीं, चीन और उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने भी किम जोंग उन के इस दौरे के संबंध में कोई जानकारी जारी नहीं की है.

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रूस से नजदीकियों के बाद चीन से रिश्ते मजबूत करने की कोशिश

किम जोंग उन की कथित चीन यात्रा ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर कोरिया अपने पुराने सहयोगी चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में किम जोंग उन ने रूस के साथ संबंधों को ज्यादा प्राथमिकता दी है. उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का समर्थन करने के लिए हजारों सैनिक और पारंपरिक हथियार भेजे हैं. माना जाता है कि इसके बदले उत्तर कोरिया को रूस से सैन्य और आर्थिक सहायता मिल सकती है.

हालांकि, हाल के महीनों में किम जोंग उन ने चीन के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया है. चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का प्रमुख सहयोगी और आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है.

जून में उत्तर कोरिया गए थे शी जिनपिंग

इससे पहले जून में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने किम जोंग उन से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में शी जिनपिंग ने व्यापार, कृषि, निर्माण और तकनीक के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई थी. वहीं, किम जोंग उन ने चीन के साथ संबंधों को उत्तर कोरिया की प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकता बताया था.

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सितंबर 2025 में बीजिंग गए थे किम

किम जोंग उन इससे पहले सितंबर 2025 में चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे थे. उस यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. किम ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विदेशी नेताओं के साथ एक सैन्य परेड भी देखी थी. 

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