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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को HC से राहत, प्रभात गुप्ता हत्याकांड में हुए बरी

8 जुलाई 2000 को लखीमपुर के तिकुनिया में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता प्रभात गुप्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी. इस वारदात में अजय मिश्रा टेनी समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगा था. ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बरकरार रखते हुए टेनी को बरी कर दिया है.  

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दिनदहाड़े मारी गई प्रभात गुप्ता को गोली, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अजय मिश्रा टेनी को किया बरी.
दिनदहाड़े मारी गई प्रभात गुप्ता को गोली, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अजय मिश्रा टेनी को किया बरी.

प्रभात गुप्ता हत्याकांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बड़ी राहत मिली है. ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बरकरार रखा है. अजय मिश्रा टेनी को प्रभात गुप्ता हत्याकांड में बरी कर दिया गया है. 

हाई कोर्ट डबल बेंच में जस्टिस यार मसूदी और ओपी शुक्ला की बेंच ने यह फैसला सुनाया. 8 जुलाई 2000 को लखीमपुर के तिकुनिया में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता प्रभात गुप्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी. इस वारदात में अजय मिश्रा टेनी समेत चार लोगों सुभाष मामा, शशि भूषण पिंकी ,राकेश डालू हत्या के आरोपी हैं.

23 साल की सुनवाई में 3 बार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस हत्याकांड में फैसला सुरक्षित रखा, लेकिन फैसला नहीं आ पाया. शुक्रवार 19 मई को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस एआर मसूदी और ओपी शुक्ला की बेंच ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया.

तीन बार हाईकोर्ट ने रिजर्व रखा था फैसला 

बताते चलें कि पहली बार 12 मार्च 2018 को जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और दिनेश कुमार सिंह ने फैसला रिजर्व किया. दूसरी बार 10 नवम्बर 2022 को जस्टिस रमेश सिन्हा और रेनु अग्रवाल ने फैसला रिजर्व रखा था, जबकि तीसरी बार 21 फरवरी 2023 को जस्टिस अताउर रहमान मसूदी और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने फैसला रिजर्व रखा था.

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भरी दोपहर में प्रभात गुप्ता की हुई थी हत्या 

प्रभात गुप्ता के पिता संतोष ने इस हत्याकांड की एफआईआर दर्ज कराई थी. कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई तो केस की पैरवी प्रभात गुप्ता के छोटे भाई राजीव गुप्ता ने शुरू की. एफआईआर में कहा गया था कि 8 जुलाई 2000 को लखीमपुर के तिकुनिया थाना क्षेत्र के बनवीरपुर गांव में दोपहर लगभग सरेआम 3.30 बजे प्रभात गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

FIR के मुताबिक टेनी ने मारी थी पहली गोली 

मर्डर केस में पिता संतोष गुप्ता ने अजय मिश्रा टेनी के साथ शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा को हत्या में नामजद आरोपी बनाया था. आरोप था कि प्रभात गुप्ता को दिनदहाड़े बीच रास्ते में पहली गोली अजय मिश्रा ने उसकी कनपटी पर मारी और दूसरी गोली सुभाष मामा ने प्रभात के सीने में मारी थी, जिसके बाद प्रभात गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई.

लोअर कोर्ट ने सभी आरोपी कर दिए थे बरी

पुलिस की तरफ से चार्जशीट दाखिल होने के बाद लखीमपुर कोर्ट में प्रभात गुप्ता मर्डर केस का ट्रायल शुरू हुआ और 29 अप्रैल 2004 को अजय मिश्रा समेत सभी आरोपी निचली अदालत से बरी हो गए. आमतौर पर निचली अदालत से हत्या जैसे मामले में सभी आरोपियों के बरी होने पर सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में अपील की जाती है.

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मगर, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. लिहाजा, निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने के लिए राज्यपाल ने आदेश दिया. राज्यपाल ने 9 जून 2004 को हाई कोर्ट में इस मामले की अपील करने का आदेश दिया था.

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