कानपुर की फजलगंज पुलिस ने साल 1986 में कन्नौज निवासी आरोपी रामप्रकाश को चोरी के मामले में जेल भेजा था. जमानत मिलने के बाद वह अदालत की पेशी से गायब होकर बरेली भाग गया, जहां उसने साधु का वेश बदलकर आश्रम बना लिया. अदालत द्वारा डीसीपी सेंट्रल को तलब किए जाने पर पुलिस ने जांच तेज की. सर्विलांस और सोशल मीडिया की मदद से पुलिस ने फेसबुक आईडी के जरिए आरोपी का पता लगाया. 5 अक्टूबर को पुलिस ने उसे बरेली स्थित आश्रम से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, क्योंकि वह 40 सालों से वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हो रहा था.
40 साल पुराना मामला और अदालत की सख्ती
आपको बता दें कि 1986 में फजलगंज पुलिस ने कन्नौज निवासी रामप्रकाश को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बाद में जमानत मिलने पर उसे मुकदमे की पेशी पर जाना था, लेकिन वह गायब हो गया. उसके अदालत में उपस्थित न होने पर वारंट जारी हुआ, पर पुलिस उसे ढूंढ नहीं सकी. हाल ही में जब अदालत ने डीसीपी सेंट्रल को तलब किया, तब पुलिस ने फजलगंज क्षेत्र के रामप्रकाश नाम के लोगों की पहचान शुरू की.
फेसबुक आईडी से खुला 'पागल बाबा' का राज
जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी कन्नौज का रहने वाला है. उसके गांव से जानकारी जुटाकर जब 'रामप्रकाश' नाम के फेसबुक अकाउंट खंगाले गए, तो बरेली से ऑपरेट हो रहा एक अकाउंट मिला. उस अकाउंट की फ्रेंड लिस्ट में कन्नौज के गांव के कई लोग जुड़े थे. पड़ताल करने पर पता चला कि यह अकाउंट बरेली में आश्रम चलाने वाले 'पागल बाबा' द्वारा ऑपरेट किया जा रहा है.
बरेली के आश्रम से कानपुर लाकर भेजा जेल
पुलिस टीम बरेली पहुंची तो जांच में 'पागल बाबा' ही 40 साल पुराना आरोपी रामप्रकाश निकला. डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि सर्विलांस और सोशल मीडिया टीम की मदद से 40 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर कानपुर लाया गया और जेल भेज दिया गया.