कानपुर में एक घर के बाहर एक ऐसी महिला खड़ी थी, जिसकी कहानी हजारों किलोमीटर दूर थाईलैंड से शुरू हुई थी. वह किसी टूरिस्ट की तरह कानपुर नहीं आई थी. उसके हाथ में शादी की तस्वीरें थीं, कुछ कागज थे और एक सवाल था कि जिस शख्स को अपना पति मानकर वह सालों तक रिश्ते में रही, आखिर वह उससे अचानक क्यों दूर हो गया?
महिला का नाम अपसॉर्न है. वह थाईलैंड की रहने वाली है और वहां रेस्टोरेंट चलाती है. उसका दावा है कि करीब चार साल पहले सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात कानपुर के टेनरी कारोबारी मोहम्मद इरफान से हुई थी. बातचीत बढ़ी, मुलाकातें हुईं और रिश्ता शादी तक पहुंच गया. इसके बाद इरफान कानपुर आ गया और अपसॉर्न से दूरी बना ली. अब वह उसी रिश्ते का हिसाब मांगने कानपुर पहुंची थी. उसके आरोपों के मुताबिक, कहानी में प्यार के साथ लाखों रुपये, दो महंगी स्पोर्ट्स बाइक, शादी, धर्म बदलने का दबाव और अचानक टूटे संपर्क की कड़ियां जुड़ती चली गईं.
अपसॉर्न का दावा है कि वह एक परिचित के साथ कानपुर के लाटूश रोड स्थित इरफान के घर पहुंची. उसे उम्मीद थी कि चार साल पुराने रिश्ते के बाद आमने-सामने बैठकर सारी बातें साफ हो जाएंगी. लेकिन महिला के मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया. उसका दावा है कि उसे पता चला कि इरफान पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं. महिला का आरोप है कि शुरुआत में इरफान ने उसे पहचानने से भी इनकार किया. बाद में पहचानने के बाद विवाद बढ़ गया. जिस रिश्ते की शुरुआत थाईलैंड में हुई थी, उसका अगला पड़ाव अब कानपुर पुलिस का दफ्तर बन चुका था.
कहानी की पहली कड़ी- सोशल मीडिया से शुरू हुई
अपसॉर्न के मुताबिक, इरफान कारोबार के सिलसिले में थाईलैंड आता-जाता था. इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए दोनों की पहचान हुई. पहले बातचीत हुई. फिर मुलाकातें. फिर रिश्ता इतना गहरा हुआ कि दोनों ने करीब दो साल पहले थाई परंपरा के अनुसार शादी कर ली. महिला का कहना है कि उसने इस रिश्ते को सिर्फ सोशल मीडिया की दोस्ती नहीं माना था. उसने इरफान को अपना पति माना और उसके साथ भविष्य की योजनाएं भी बनाईं. पुलिस को उसने शादी की तस्वीरें, कार्ड और अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं. लेकिन उसके मुताबिक, शादी के बाद भारत में साथ रहने की बात आई तो परिस्थितियां बदल गईं.
'साथ रहना है तो इस्लाम कबूल करो'
महिला का आरोप है कि भारत में इरफान के साथ रहने के लिए उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. उसके मुताबिक, उससे कहा गया कि यदि उसे भारत में उसके साथ रहना है तो उसे इस्लाम कबूल करना होगा और बुर्का पहनकर रहना पड़ेगा. अपसॉर्न का कहना है कि उसने धर्म बदलने से साफ इनकार कर दिया. यहीं से रिश्ते में दूरी बढ़ने लगी. महिला के आरोपों के मुताबिक, उसने इसके बाद इरफान से अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए. पहले उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा और फिर कथित तौर पर फोन उठाना भी बंद कर दिया गया.
फिर सामने आई 55 लाख की दो बाइकों की कहानी
इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा महंगी स्पोर्ट्स बाइक से जुड़ा है. अपसॉर्न का दावा है कि इरफान को महंगी बाइक का शौक था. उसके दो जन्मदिन के मौके पर उसने दो स्पोर्ट्स बाइक खरीदने के लिए पैसे दिए. पहली बाइक के लिए करीब 21 लाख रुपये और दूसरी के लिए करीब 34 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है. कुल रकम करीब 55 लाख रुपये बैठती है. महिला का कहना है कि उसने यह रकम रिश्ते और भरोसे की वजह से खर्च की थी. आज वही रकम इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल बन गई है. क्या बाइक वास्तव में महिला के पैसे से खरीदी गई थीं? क्या रकम इरफान को दी गई थी? क्या इसके बैंकिंग रिकॉर्ड मौजूद हैं? और सबसे बड़ा सवाल अगर दोनों के बीच रिश्ता था तो फिर पैसे वापस मांगने के बाद संपर्क क्यों टूट गया? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच में तलाशे जा रहे हैं.
बाइक के वीडियो भी कहानी में आए
इरफान के सोशल मीडिया अकाउंट पर महंगी स्पोर्ट्स बाइक के साथ उसके वीडियो बताए जा रहे हैं. महिला का दावा है कि इन बाइकों को खरीदने में उसी की रकम लगी थी. एक वीडियो में इरफान को बाइक के साथ दिखाई देने की बात भी सामने आई है. वह सोशल मीडिया पर अपनी लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो पोस्ट करता रहा है. अपसॉर्न का दावा है कि इरफान के पास महंगी कारें भी हैं. हालांकि बाइक किसके पैसे से खरीदी गईं और उनका स्वामित्व किसके नाम है, यह पुलिस जांच में बाद ही पता चलेगा.
सिर्फ बाइक नहीं, रेस्टोरेंट भी दांव पर लगाने का दावा
अपसॉर्न का आरोप है कि इरफान पर पैसा खर्च करते-करते उसके पास रकम कम पड़ने लगी थी. महिला का दावा है कि उसने थाईलैंड में अपना रेस्टोरेंट बैंक के पास गिरवी रखकर लोन लिया. इसके बाद भी जरूरत पूरी नहीं हुई तो उसने अपनी बहन और रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए. महिला के मुताबिक, वह लगातार इरफान की मदद करती रही. लेकिन जब उसने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया तो रिश्ता कथित तौर पर खत्म होने लगा.
फरवरी में आखिरी बार उम्मीद, फिर सन्नाटा
अपसॉर्न के मुताबिक, फरवरी 2026 में इरफान भारत आया था. शुरुआत में बीमारी का हवाला दिया गया. महिला इंतजार करती रही. लेकिन बातचीत धीरे-धीरे कम होती गई. फोन कॉल का जवाब मिलना बंद हुआ और आखिरकार संपर्क पूरी तरह टूट गया. यहीं से उसने खुद कानपुर आने का फैसला किया. उसने पुलिस को बताया कि कई बार संपर्क करने की कोशिश के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसके सामने भारत आकर खुद बात करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था. लेकिन इरफान के परिवार की कहानी बिल्कुल अलग है जहां थाई महिला धोखे, पैसे और धर्म परिवर्तन के आरोप लगा रही है, वहीं इरफान की मां इन आरोपों को सिरे से खारिज करती हैं. उनका कहना है कि महिला उनके बेटे को पैसों के लिए फंसा रही है और ब्लैकमेल कर रही है. परिवार का दावा है कि इरफान ने खुद बताया था कि कारोबार में उसे नुकसान हुआ था. परिवार के लोगों ने भी उसकी आर्थिक मदद की थी. महंगी बाइक के बारे में मां का कहना है कि बेटे ने उन्हें अपनी कमाई से खरीदा था. उन्होंने यह भी बताया कि बाइक खरीदने को लेकर इरफान के पिता उससे नाराज रहते थे. थाईलैंड जाने के मुद्दे पर भी परिवार का कहना है कि इरफान के पिता उसे वहां जाने से रोकते थे.
पुलिस के सामने अब खुलेंगे लेनदेन के राज
इस कहानी में अब सबसे अहम भूमिका उन दस्तावेजों की है, जिन्हें पुलिस खंगाल रही है. दोनों बाइक किसके नाम पर हैं? उनकी रकम किस खाते से गई? महिला ने इरफान को कितने पैसे ट्रांसफर किए? क्या दोनों के बीच हुए मैसेज और कॉल रिकॉर्ड उसके आरोपों की पुष्टि करते हैं? शादी से जुड़े दस्तावेज क्या बताते हैं? और धर्म परिवर्तन के आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य हैं? इन सभी सवालों के जवाब जांच की दिशा तय करेंगे.
केस दर्ज, जांच शुरू
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, अपसॉर्न की शिकायत के आधार पर मोहम्मद इरफान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, मारपीट और धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में कार्रवाई की गई है. वहीं गिरफ्तारी के बाद इरफान मीडिया के सामने भावुक नजर आया. उसने चेहरे को रुमाल से ढक रखा था और सवालों के बीच रोने लगा.