
लखनऊ में अवैध संबंधों के चलते हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. रास्ते का कांटा बनते ही दूसरी पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची और सोते हुए पति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बक्से में छुपाया गया और फिर ई-रिक्शा से ले जाकर नहर की पुलिया के नीचे फेंक दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला, उसके प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक रामकिशोर वाल्मीकि का सूफिया बानो से पिछले चार साल से प्रेम प्रसंग था और करीब दो साल पहले दोनों ने निकाह कर लिया था. इसी बीच सूफिया के संबंध 52 वर्षीय मुन्ना उर्फ मुच्छड़ से हो गए. जब रामकिशोर को इस रिश्ते की भनक लगी, तो घर में रोज विवाद होने लगा.
विवाद और बढ़ा तो रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास लौटने लगा और उसे घर-खर्च देने लगा. इस बात से सूफिया आग-बबूला रहने लगी और उसने मुन्ना व उसके साथी मो. इकबाल के साथ मिलकर रामकिशोर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
साजिश के तहत 14-15 सितंबर की दरमियानी रात सूफिया ने घर की कुंडी खुली रखी और प्रेमी मुन्ना व इकबाल को अंदर बुला लिया. दोनों ने बिस्तर पर सो रहे रामकिशोर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया. कत्ल के बाद फर्श पर लिपाई कर खून के धब्बे साफ किए गए. इसके बाद सूफिया ने अपने 16 वर्षीय नाबालिग बेटे की मदद से लाश को लकड़ी के बक्से में बंद कर बिस्तर के नीचे छुपा दिया. अगली रात आरोपियों ने शव को ई-रिक्शा लोडर में लादा और मोहनलालगंज इलाके के भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया.

17 सितंबर को पहली पत्नी कविता की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज हुआ. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल चाकू, खून से सनी झाड़ू, मृतक के कपड़े और शव ठिकाने लगाने में प्रयुक्त ई-रिक्शा बरामद कर लिया है.