
यूपी के संभल में कल यानी 3 जून को इतिहास पलटने वाला है. यहां 1978 के दंगा पीड़ित परिवार को फिर से बसाया जाएगा. इसके लिए खुद प्रशासन जमीन का पट्टा सौंपेगा. जमीन पर कब्रिस्तान बनाकर उसे कब्जा लिया गया था. लेकिन अब उसे कब्जा मुक्त करवाकर पीड़ित को सौंपा जा रहा है.
आपको बता दें कि संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई 1978 के सांप्रदायिक दंगे के पीड़ित रस्तोगी परिवार को शेर खा सराय इलाके में कब्रिस्तान के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई 100 वर्गमीटर सरकारी जमीन का पट्टा सौंपकर उन्हें दोबारा विस्थापित करेंगे. दंगे में मारे गए राम सरन दास रस्तोगी के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी. इसके बाद तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और स्थानीय प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर तथा पैमाइश कर जमीन तैयार कराई है. विधि-विधान से भूमि पूजन और हवन के बाद यह पट्टा सौंपा जाएगा.
दंगे का वो खौफनाक मंजर और परिवार का पलायन
दरअसल, साल 1978 के सांप्रदायिक दंगे में संभल के मोहल्ला कोटपूर्वी निवासी राम सरन दास रस्तोगी की दंगाइयों ने दुकान पर ही टुकड़े-टुकड़े करके नृशंस हत्या कर दी थी. इसके बाद उनके शव को तराजू से बांधकर नखासा इलाके की पुलिस चौकी के पास एक कुएं में फेंक दिया गया था. इस खौफनाक वारदात के बाद डरा-सहमा पीड़ित परिवार संभल से पलायन कर दिल्ली में रहने लगा था. बीते कुछ महीने पहले इस पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री और तत्कालीन डीएम से मुलाकात कर दोबारा संभल में बसने की मांग की थी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दखल और प्रशासन का एक्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों मथुरा के एक कार्यक्रम में इस दंगे का जिक्र करते हुए कहा था कि पीड़ित परिवार ने उनसे मिलकर अपनी संपत्ति लूटे जाने की बात कही थी, जिस पर उन्होंने दोबारा कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप संभल प्रशासन ने शेर खा सराय इलाके में नवीन परती की सरकारी भूमि पर बने अवैध कब्रिस्तान को जमींदोज कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया था. अब उसी जमीन का 100 वर्गमीटर हिस्सा इस पीड़ित परिवार को दिया जा रहा है.
टेंट और पंडाल तैयार, कल होगा भूमि पूजन
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आज जमीन की पैमाइश और सफाई का काम पूरा करा लिया गया है. हालांकि पहले यह कार्यक्रम आज ही होना था, लेकिन प्रशासन ने इसे स्थगित कर दिया है और अब यह कार्यक्रम कल यानी 3 जून को आयोजित किया जाएगा. मौके पर टेंट लगाकर पंडाल तैयार किया जा रहा है. कल इस जमीन पर बाकायदा हवन और पूजन किया जाएगा, जिसके बाद जिलाधिकारी स्वयं पीड़ित परिवार को पट्टे का प्रमाण पत्र सौंपकर जमीन की कमान उनके हाथों में देंगे.