
यूपी विधानसभा परिसर में मानसून सत्र के तीसरे दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों और नेताओं ने 'चंदा चोरी' के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सपा नेता और विधायक हाथों में पोस्टर तथा दान-पत्र लेकर परिसर में धरने पर बैठ गए. उन्होंने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस मामले में तुरंत जवाब देने की मांग की. इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव, अतुल प्रधान और सचिन यादव शामिल रहे. सपा नेताओं ने साफ कहा कि जब तक सरकार इस पर जवाब नहीं देती, वे सदन के भीतर और बाहर प्रदर्शन जारी रखेंगे.
विधानसभा परिसर में दान-पर्चियों के साथ लगे नारे
सपा विधायक और कार्यकर्ता हाथों में दान-पत्र और पोस्टर लेकर विधानसभा के बाहर एकत्र हुए. प्रदर्शन के दौरान "जनता का पैसा कहां गया?" और "बीजेपी के खाते में?" लिखे पोस्टर दिखाए गए. निष्कासित पूर्व सपा नेता सचिन यादव भी पोस्टरों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
शिवपाल यादव और अतुल प्रधान का तीखा हमला
वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बीजेपी को इस मामले में जवाब देना ही होगा, वर्ना जनता सब देख रही है. वहीं, सपा विधायक अतुल प्रधान ने मांग की कि 'चंदा चोरी' के इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए और सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए.

निष्कासित नेता सचिन यादव ने उठाए सवाल
प्रदर्शन में पहुंचे सचिन यादव ने कहा कि उन्हें भले ही पहले सदन से बाहर निकाला गया था, लेकिन वह आज भी पोस्टर लेकर जवाब मांगने आए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि पोस्टर में ऐसा कुछ गलत नहीं लिखा है, वे सिर्फ जनता के पैसे और 'चंदा चोरी' का हिसाब मांग रहे हैं.
सदन से सड़क तक जारी रहेगा सियासी टकराव
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 'चंदा चोरी' के मुद्दे को विधानसभा के अंदर और बाहर लगातार उठाती रहेगी. वहीं, सरकार की तरफ से अभी तक कोई विस्तृत जवाब नहीं आने के कारण आने वाले दिनों में यूपी विधानसभा में सियासी घमासान और तेज होने के पूरे आसार हैं.