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सहारनपुर: इकरा हसन के तेवर के आगे झुका प्रशासन? पूर्व मंत्री समेत 5 लोग रिहा; मौके पर पहुंचे मजिस्ट्रेट तो धरना किया खत्म

सहारनपुर के थाना सदर बाजार में कैराना सांसद इकरा हसन ने अपने पांच समर्थकों को जेल भेजे जाने के विरोध में मंगलवार को करीब तीन घंटे तक जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया. सिटी मजिस्ट्रेट से वार्ता और सुबह समर्थकों की जमानत पर रिहाई का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त किया.

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सहारनपुर में थाना परिसर में धरने पर बैठीं सपा सांसद इकरा हसन (Photo- ITG)
सहारनपुर में थाना परिसर में धरने पर बैठीं सपा सांसद इकरा हसन (Photo- ITG)

कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने अपने पांच समर्थकों को शांति भंग की धाराओं में जेल भेजे जाने के विरोध में मंगलवार को सहारनपुर के थाना सदर बाजार में करीब तीन घंटे तक हाईवोल्टेज धरना दिया. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब वह एक बुजुर्ग पीड़िता के बेटे की हत्या के मामले में इंसाफ की गुहार लगाने डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं. वहां कार्यवाही को लेकर हुए विरोध के बाद पुलिस ने सांसद को कुछ देर महिला थाने में रखा और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. इस खबर से नाराज होकर सांसद तुरंत समर्थकों के साथ थाने में धरने पर बैठ गईं.

पुलिस की बैरिकेडिंग और थाने की बत्ती गुल

सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सहारनपुर पहुंचने से रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग करवाई और सरसावा इलाके में जानबूझकर एक ट्रक खड़ा कर रास्ता रोकने का बहाना बनाया. हालांकि, वह पुलिस को चकमा देकर सदर बाजार थाने पहुंच गईं, जहां उनकी एसपी सिटी व्योम बिंदल से तीखी बहस हुई. धरने के दौरान गुस्से में उन्होंने कहा, 'हमें इंसाफ चाहिए... गोली मार दो, फांसी पर चढ़ा दो, लेकिन हम इंसाफ लेकर रहेंगे.' प्रदर्शन के बीच कुछ देर के लिए थाने की बिजली गुल होने पर समर्थकों ने प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया.

'जिस मां का बेटा मरा, उसी के परिजनों को भेजा जेल'

इकरा हसन ने सरकार और कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए इसे तानाशाही करार दिया. उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला कश्यप समाज से थी जो हमेशा भाजपा को वोट देती आई है, लेकिन इस सरकार में शोषित और पिछड़े समाज के लोगों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है. सांसद के मुताबिक, जिस मां का बेटा बेरहमी से मारा गया, न्याय देने के बजाय उसी के परिजनों को जेल भेज दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पीड़ित पक्ष की भी सुनवाई नहीं होगी, तो जनता इंसाफ के लिए कहां जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में होने के कारण प्रशासन उनके साथ कोई प्रोटोकॉल नहीं निभाता है.

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सिटी मजिस्ट्रेट की वार्ता और रिहाई का आश्वासन

थाने में भारी पुलिस बल की तैनाती और बढ़ते हंगामे के बीच करीब तीन घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे. उन्होंने सांसद इकरा हसन से गहन वार्ता की और जेल भेजे गए पांचों समर्थकों की जमानत मंजूर करते हुए सुबह जेल प्रोटोकॉल के तहत उनकी रिहाई का ठोस भरोसा दिया. इस आश्वासन के बाद इकरा हसन ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए धरना समाप्त करने का ऐलान किया. वहीं, एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि विरोध प्रदर्शन को लेकर पूर्व में कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब सांसद से पूरी बातचीत हो चुकी है और मौके पर पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है.

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